एक कॉलेज की छात्रा के आत्महत्या के मामले में शिक्षक व प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने से नाराज जनसंगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। मुकदमा दर्ज होने के बावजूद शिक्षक पर कार्रवाई न करने से खफा विभिन्न संगठन के कार्यकर्ताओं ने 11वें दिन भी अनशन जारी रखा।
करीब एक माह पहले एक कॉलेज की छात्रा ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसमें उसने सुसाइड नोट में तीन शिक्षकों को दोषी ठहराया था।
इस प्रकरण ने तूल पकड़ा तो पूरे जिले में आंदोलन का रूप ले लिया। पुलिस ने जनता के दबाव में आकर तीन शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। दो आरोपियों को पकड़ लिया गया, लेकिन एक शिक्षिका की गिरफ्तारी नहीं की गई।
छात्रा की मां ने भी पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। लेकिन कार्रवाई न होते देख विभिन्न संगठनों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर अनशन शुरू कर दिया।
इस आंदोलन में सांसद बृजभूषण शरण सिंह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ जन संगठन भी शामिल हो गए।
रविवार को आम आदमी पार्टी, विश्व गायत्री परिवार, अधिवक्ता संघ, मशाल सेना, परसपुर विकास मंच, भारतीय किसान यूनियन, स्कीम वर्कर यूनियन, क्रांतिकारी मोर्चा, भूतपूर्व सैनिक संघ, पतंजलि योग समिति, आर्ट ऑफ लिविंग, बजरंग दल, शिक्षक महासभा, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट सहित कई संगठन इसमें शामिल हो गए हैं।
इन संगठनों की मांग है कि शिक्षिका को गिरफ्तार किया जाए तथा दोषी प्रधानाचार्य को तत्काल हटाया जाए। रविवार को अनशन पर रुचि मोदी व संतोष पांडेय बैठे रहे।