गोंडा। दामाद को अपशब्द कहकर मारने, जान से मारने की धमकी देने और जान से मारने के प्रयास के मामले में न्यायालय ने पूर्व ब्लाॅक प्रमुख सास, ससुर, पत्नी समेत पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश नगर कोतवाल को दिया है।
शहर के राजा मोहल्ला निवासी विकास सोनी ने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया। इसमें बताया कि 21 फरवरी 2015 को उनकी शादी वजीरगंज निवासी पूर्व ब्लाॅक प्रमुख संगीता सोनी की बेटी साक्षी सोनी से हुई थी। उनके एक बेटा है। कुछ समय बाद साक्षी जब मायके गई तो अपने गहने, कपड़े के साथ ही उनके सभी मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र भी चुरा ले गई। शैक्षिक प्रमाणपत्र मांगने पर साक्षी ने 17 अक्तूबर 2019 को सुबह 09:30 बजे शहर के मुन्नन खां चौराहे पर बुलाया। फिर पराग डेयरी के पास आने को कहा। वहां पहुंचने पर साक्षी सोनी, उसकी मां व पूर्व ब्लाॅक प्रमुख संगीता सोनी, पिता अमृतलाल सोनी, भाई रवि सोनी और चाचा शिवालाल सोनी व उनके साथ आए कुछ अन्य लोगों ने जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। इससे विकास को गंभीर व जानलेवा चोटें आईं।
आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे तो आरोपी अपशब्द कहकर जान से मारने की धमकी देकर असलहा लहराते हुए भाग गए। विकास के मुताबिक वारदात की सूचना नगर कोतवाली में दी, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। सुनवाई के दौरान मामले के तथ्य, साक्ष्य व परिस्थितियों को देखते हुए सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एफटीसी नवीन ने नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओंं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि कोर्ट का आदेश मिला है। सोमवार को मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।