रघुकुल विद्यापीठ में पीईटी परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी। - संवाद
गोंडा। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) रविवार को दूसरे दिन जिले के 18 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। दो पालियों में 12,551 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। 2,041 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा केंद्रों के बाहर छांव, पेयजल व बैठने की समुचित व्यवस्था न होने के कारण अभ्यर्थियों के साथ ही उनके परिजन आदि लोग परेशान रहे। परीक्षा के बाद शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर जाम लग गया। ऐसे में शहर से निकलने में ही अभ्यर्थियों को घंटों लग गए।
रविवार को दो पालियों में 14,592 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था। इसके सापेक्ष 12,551 लोगों ने ही परीक्षा दी। पहली पाली में 1,050 और दूसरी पाली में 991 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दो दिन में चार पालियों में कुल 24,923 लोगों अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 4,261 अनुपस्थित रहे। मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील, डीएम प्रियंका निरंजन, आईजी अमित पाठक व एसपी विनीत जायसवाल ने परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं।
परीक्षा छूटने के बाद शहर में जाम लग गया। स्टेशन रोड, आईटीआई चौराहा, बहराइच रोड, बड़गांव पुलिस चौकी के पास व जयनरायन चौराहे पर परीक्षार्थियों की भीड़ जुट गई। बाइक, कार और ई रिक्शा रेंगते नजर आए। यातायात सामान्य कराने के लिए पुलिसकर्मियों ने सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटवाया। धीरे-धीरे सड़कें खाली कराई गईं और यातायात सामान्य हुआ।
अंदर मम्मी ने दी परीक्षा, बाहर पापा का इम्तिहान
गोंडा। पीईटी देने आई कई महिलाओं के बच्चे बाहर उनके पति या अन्य परिजन संभाले नजर आए। शहर के सेंट जेवियर्स इंटर कॉलेज के बाहर जमीन पर बैठे कई पुरुष बच्चों को गोद में लेकर खिलाने में मशगूल दिखे। झांसी से आए विनोद कुमार जमीन पर बैठे तीन वर्षीय बेटे नव्यांश से बोल रहे थे कि, एक घंटा हो गया है बेटा, अभी थोड़ी देर में मम्मी बाहर आ जाएंगी। विनोद बेटे को मोबाइल में कार्टून का वीडियो दिखाकर बहलाने का प्रयास करते नजर आए। विनोद ने बताया कि कहीं छांव में बैठने की व्यवस्था नहीं है, इसलिए जमीन पर बैठकर पत्नी गायत्री देवी की परीक्षा पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। जयपुरिया स्कूल में परीक्षा देने आईं श्रावस्ती निवासी आराध्या की एक वर्षीय बेटी मन्नत व तीन वर्षीय बेटी चाहत को संभालने की जिम्मेदारी पिता सतीश दिवाकर ने उठाई। रघुकुल विद्यापीठ के सामने परीक्षार्थियों के परिजन नाले के किनारे जमीन पर बैठे नजर आए। लगभग सभी केंद्रों के बाहर इसी तरह सड़क किनारे या दुकानों केे बाहर लोग बैठे नजर आए। माताओं को परीक्षा केंद्र के निकलते देख मासूम बच्चे खिलखिला उठे। प्रशासन की ओर से भले ही कोई इंतजाम नहीं किए गए हों, लेकिन सामाजिक संस्था इंकलाब फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह व गोंडा रसोई के संचालक पीयूष पांडेय की ओर से परीक्षार्थियों के ठहरने व खाने का इंतजाम कराया गया था।