गोंडा। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग के ओटी में बीते एक महीने से ताला लगा है। इससे 55 नेत्र रोगियों के ऑपरेशन टल गए। मरीजों को ऑपरेशन के लिए जुलाई के अंतिम सप्ताह की तारीख दी जा रही है।
मझौवा निवासी गंगा प्रसाद तिवारी को आंख में समस्या थी। नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाने के बाद ऑपरेशन करने का सुझाव दिया गया, लेकिन ओटी बंद होने के कारण अगले सोमवार को ऑपरेशन की तारीख दी गई। इसी तरह 37 दिन में 55 लोगों का ऑपरेशन टालना पड़ा। वजह, बीते 12 जून को नेत्र रोग विभाग में शाॅर्ट सर्किट से वायरिंग जल गई थी। वैकल्पिक वायरिंग से ओपीडी में मरीजों का उपचार शुरू किया गया, लेकिन ऑपरेशन ठप हो गया।
ओटी में लगी मशीनों व उपकरणों को बाहर निकालकर नए सिरे से पूरे विभाग की वायरिंग कराई गई। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद विश्वकर्मा ने बताया कि गर्मी में लोग आंखों का ऑपरेशन नहीं कराना चाहते हैं। इसलिए महीने भर में करीब 55 से 60 मरीजों ने ही ऑपरेशन की इच्छा जताई। उन्हें महीने के अंतिम सप्ताह में तारीख दी गई है। अब विभाग में दो नेत्र सर्जन होने के कारण मरीजों के ऑपरेशन की संख्या बढ़ेगी। कल्चर जांच हो चुकी है। अपने स्तर से भी क्लीनिंग करवाकर ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।
वायरिंग में फाल्ट आने से बंद रहा ऑपरेशन
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि नेत्र रोग विभाग में वायरिंग का काम चल रहा था। जिसके कारण ओटी बंद था। हालांकि इस मौसम में आंख के ऑपरेशन के मरीज कम होते हैं। इसीलिए पीक सीजन के पहले ओटी को दुरुस्त कर लिया गया है। ओटी का कल्चर रिपोर्ट आने के बाद ऑपरेशन शुरू होंगे।