गोंडा। कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई में ग्रामीण इलाकों को भी तवज्जो देने की कवायद शुरू हो गई है। ग्रामीण क्षेत्र में बीमार लोगों को आक्सीजन, बेड न मिलने से लगातार गंभीर होती समस्या से निपटने को विधायक निधि की मदद से जिले के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को कोविड हास्पिटल बनाने तथा वहां मरीजों को आक्सीजन सुविधा उपलब्ध कराने को प्लांट लगाने का काम भी अंतिम दौर में चल रहा है। इसके तहत ही गुरुवार को इटियाथोक सीएचसी में तीस बेड क्षमता के कोविड हास्पिटल का संचालन शुरू किया गया।
डीएम तथा क्षेत्रीय विधायक विनय कुमार द्विवेदी के प्रयास से 30 बेड के इस कोविड अस्पताल के संचालन को जरूरी पांच ऑक्सीजन कांसेंट्रेटर भी सीएचसी पहुंच गए हैं।
जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने बताया कि अगले सोमवार तक सीएचसी वजीरगंज, हलधरमऊ तथा छपिया में भी 30-30 बेड का तथा सीएचसी नवाबगंज में 18 बेड का कोविड हास्पिटल चालू हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि इनके संचालन के लिए जिले के जनप्रतिनियों के सहयोग से चार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर ऑक्सीजन के प्लांट लगाने को भी विधायक निधि से जारी धनराशि प्राप्त हो गई है।
इसके तहत समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने वजीरगंज सीएचसी, विधायक मेहनौन विनय द्विवेदी ने सीएचसी इटियाथोक में, विधायक गौरा प्रभात वर्मा ने सीएचसी छपिया में और विधायक कटरा बाजार बावन सिंह ने सीएचसी हलधरमऊ में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने के लिए द्वारा धनराशि जिला प्रशासन को उपलब्ध करायी है। इसके साथ ही चीनी मिल के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र काजीदेवर में भी शीघ्र ही ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम चालू कर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी के आदेश पर सीएचसी अधीक्षक इटियाथोक का तबादले के साथ ही विकास विभाग की नई टीम को कोविड नियंत्रण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि वह स्वयं ग्रामीण इलाकों में कोविड का प्रकोप रोकने को किए जा रहे कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।