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पांच फीसदी मरीजों की करानी होगी टीबी जांच

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गोंडा। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी में इलाज कराने आए मरीजों में कम से कम पांच फीसदी मरीजों की टीबी जांच के लिए रेफर करना अनिवार्य है। निजी चिकित्सक भी स्थानीय टीबी क्लीनिक पर सूचना दिए टीबी मरीजों का इलाज नहीं कर सकेंगे।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने जिला अधिकारी को पत्र लिखकर ओपीडी में आने वाले मरीजों में से पांच फीसदी मरीजों का अनिवार्य रूप से टीबी जांच कराने का निर्देश दिया। कहा कि राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य केंद्रवार ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या के सापेक्ष पांच प्रतिशत मरीजों को टीबी जांच के लिए रेफर किया जाए। जिला अस्पताल (पुरुष व महिला) समेत 16 सीएचसी, 52 पीएचसी मरीजों की ओपीडी होती है। हर रोज करीब तीन हजार लोगों का इलाज होता। मिशन निदेशक के आदेेशानुसार, हर रोज करीब 150 मरीजों का टीबी जांच किया जाना अनिवार्य है।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुसार 2025 तक टीबी का समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लिए अधिक से अधिक जांच कराया जाना आवश्यक है। सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया है कि ओपीडी मे मरीजों के सापेक्ष पांच फीसदी लोगों का टीबी जांच आवश्यक कराएं। उन्होंने निजी चिकित्सकों को बताया कि टीबी मरीजों का इलाज करने से पहले स्थानीय टीबी क्लीनिक पर मरीजों का विवरण अवश्य दर्ज करवा दें, ताकि उन्हें बेहतर इलाज मिलने के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। संवाद
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