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Gonda News: 21 माह बाद शुरू हुई थी ओपीडी, फिर खाली हो गया नेत्ररोग विभाग

Wed, 02 Oct 2024 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा में डॉ. आयुषी सरदाना। -संवाद
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नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आयुषी सरदाना का स्थानांतरण, हुईं कार्यमुक्त
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हर महीने औसतन 4500 बुजुर्ग व नेत्र रोगियों को मिलता था उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। महाराजा देवीबख्श सिंह राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के नेत्र रोग विभाग में डॉक्टरों का संकट दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। विगत दिसंबर में 21 माह बाद शुरू हुई नेत्र सर्जरी अब फिर ठप हो जाएगी। अस्पताल में तैनात बतौर नेत्र सर्जन (सीनियर रेजीडेंट) डॉ. आयुषी सरदाना ने राजकीय मेडिकल कॉलेज सहारनपुर के लिए ऑन रिक्वेस्ट तबादला करा लिया। मंगलवार को उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया। उनके जान से एक बार फिर नेत्र रोग विभाग खाली हो गया।
अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ का संकट बहुत पहले से चला आ रहा है। वर्ष 2022 में नेत्ररोग विभाग में तीन चिकित्सक कार्यरत थे। अप्रैल में यहां तैनात डॉ. विकास सेट्ठी का निधन हो गया। उसके बाद डॉ. पुनीत श्रीवास्तव व डॉ. संजय शर्मा का गैर जिले में तबादला हो गया। 21 महीने तक विभाग में ताला लटका रहा। ओटी में रखी ऑपरेशन के दौरान प्रयोग होने वाली मशीनें जंग खाने लगीं। कई बार शासन को पत्र लिखने के बावजूद किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी। जिससे आंख के मरीजों को बाहर महंगा इलाज कराना पड़ रहा था। विगत वर्ष बतौर सीनियर रेजीडेंट डॉ. आयुषी सरदाना ने कार्यभार ग्रहण कर सर्जरी शुरू की थी। लेकिन उन्होंने भी सहारनपुर के लिए अपना ट्रांसफर करा लिया।
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150 मरीजों को मिलता था उपचार
नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 150 मरीजों को जांच व उपचार की सुविधा मिलती थी। पांच से आठ ऑपरेशन किए जाते थे। लेकिन अब नए डॉक्टर के तैनाती तक विभाग में ओपीडी व ओटी में ताला लटकता रहेगा। जिससे प्रति महीने करीब 4500 से अधिक मरीजों को निजी अस्पतालों में उपचार कराना पड़ेगा। सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि डॉ. आयुषी को कार्यमुक्त किया गया है। जल्द ही नए डॉक्टर की तैनाती होगी।
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