गोंडा। चिकित्सा अधीक्षक व अस्पताल प्रबंधकों की टीम में बुधवार को मेडिकल कॉलेज के कोविड बिल्डिंग में संचालित ओपीडी का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकांश ओपीडी में न डॉक्टर मिले और न ही अन्य स्टॉफ। बाहर मरीज इंतजार करते दिखाई पड़े। संबंधित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान ने अस्पताल प्रबंधक डॉ. दीक्षा द्विवेदी, डॉ. आशुतोष सिंह व डॉ. अनिल वर्मा के साथ कोविड में संचालित ओपीडी का सुबह 9:30 बजे निरीक्षण किया। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि चर्मरोग की ओपीडी संख्या एक में कोई डॉक्टर व रेजीडेंट नहीं मिला।
करीब आठ मरीज पर्चा कटवाकर बाहर इंतजार करते दिखाई पड़े। उसके बगल पल्मोनरी मेडिसिन की ओपीडी में भी कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। चर्मरोग विभाग की ओपीडी संख्या दो में डॉ.दीपक कुमार मरीजों का इलाज कर रहे थे। स्त्री रोग विभाग व ईएनटी की ओपीडी खाली मिली। समय से ओपीडी में न बैठने वाले सभी डॉक्टरों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए निरीक्षण आख्या प्राचार्य को भेजी गई है।
बुधवार को ठप रही नेत्र विभाग की ओपीडी
मेडिकल कॉलेज में संचालित नेत्र विभाग की ओपीडी में बुधवार को कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। मरीज इंतजार करके वापस लौट गए। वेसिया चयन से आए बुजुर्ग कामता प्रसाद ने बताया कि आंख दिखाना था, लेकिन डॉक्टर साहब पहुंचे ही नहीं। अब वापस जा रहे हैं, शहर की निवासी रुखसाना को भी बिना इलाज वापस जाना पड़ा। जूनियर रेजीडेंट डॉ. आरके चौरसिया ने बताया कि उनकी माता की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। इस कारण ओपीडी में नहीं आ सका।