गोंडा। आम जन की सेहत के लिए अब सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। इससे जिले की लगभग 35 लाख की आबादी को फायदा मिलने वाला है। अमूमन रविवार को अवकाश होने के कारण ग्रामीण इलाकों में लोगों को सीएचसी व पीएचसी पर इलाज की सुविधा मिलनी मुश्किल होती है क्योंकि इस दिन अस्पताल के ज्यादातर कर्मचारी अवकाश पर होते हैं। अब हर रविवार को प्रत्येक सीएचसी व पीएचसी पर आरोग्य स्वास्थ्य मेला के तहत विशेष ओपीडी चलेगी। इसके लिए शासन की ओर से निर्देश भी जारी किये गये हैं।
आईजीआरएस और अन्य माध्यमों से शासन स्तर पर लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं कि रविवार को सीएचसी और पीएचसी पर डॉक्टर नहीं आते हैं। इसके चलते सीएचसी व पीएचसी पर आने वाले मरीजों को इलाज में परेशानी होती है। इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने सीएचसी व पीएचसी पर स्वास्थ्य मेले का आयोजन कराने का निर्णय लिया है। इसमें ओपीडी के दौरान डॉक्टर, फार्मासिस्ट, पैरामेडिकल स्टाफ और काउंसलर सहित एक टीम मौजूद रहेगी।
शासन स्तर पर होगी इसकी मानीटरिंग
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग इसका नोडल विभाग होगा। खास बात यह है शासन स्तर पर इसकी नियमित मानिटरिंग की जायेगी। इसके लिए एक डैसबोर्ड स्थापित किया जाएगा जिसमें प्रत्येक कैंप में उपस्थित स्टॉफ व मरीज का पूरा विवरण भेजा जाएगा। यह स्वास्थ्य मेला गांव के साथ-साथ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी आयोजित होगा। फरवरी से ये सेवायें शुरू की जायेंगी।
डिप्टी सीएमओ करेंगे ओपीडी की निगरानी
इस बारे में डॉ. मधु गैरोला ने बताया कि आरोग्य स्वास्थ्य मेले की निगरानी के लिए जिले स्तर पर डिप्टी सीएमओ की निगरानी में रैंडम चेकिंग कराई जायेगी ताकि ओपीडी के संचालन में कोई लापरवाही न हो। ओपीडी सेवाओं में सर्दी-जुकाम, बुखार, टीबी, मलेरिया, डेंगू, दिमागी बुखार, फाइलेरिया व कुष्ठ रोग आदि का इलाज होगा। इसके अलावा हाई बीपी, डायबिटीज के मरीजों को जांच के बाद जिला अस्पताल भेजा जायेगा। वहीं मुख, स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर की आशंका होने पर जांच के लिए लखनऊ भेजा जायेगा।
इलाज और जानकारी के साथ ही बनेगा गोल्डेन कार्ड भी
आरोग्य स्वास्थ्य मेले में लोगों को इलाज प्रदान करने के साथ ही आयुष्मान भारत योजना की जानकारी भी दी जायेगी। वहीं कैंप लगाकर इस योजना के लाभार्थियों का गोल्डेन कार्ड भी बनाया जाएगा। गर्भावस्था एवं प्रसवकालीन परामर्श एवं सेवाएं प्रदान की जाएंगी। संस्थागत प्रसव के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श, परिवार नियोजन संबंधी परामर्श व तंबाकू सेवन को रोकने के लिए भी जागरूक किया जायेगा।