पावर कारपोरेशन फरवरी से शहर की तर्ज पर गांवों में भी ऑनलाइन बिलिंग की व्यवस्था लागू करने जा रहा है। जिसके तहत उपभोक्ता अपनी सहूलियत के लिहाज से चाहे तो हर छोटे-बड़े कस्बे में खुले सीएससी (कामन सर्विस सेंटर) पर बिल जमा कर सकता है या फिर पावर कारपोरेशन के बिजलीघर पर।
शहर में बिजली की बिलिंग ऑनलाइन हुए तीन साल बीतने को हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। यही वजह है कि पावर कारपोरेशन को ग्रामीण इलाकों से मन मुताबिक न तो राजस्व मिल पा रहा है। न ही उपभोक्ताओं को बिजली के बिल।
इन्हीं सब दुश्वारियों से निपटने के लिए पावर कारपोरेशन बीते तीन साल से ग्रामीण क्षेत्र के हर छोटे-बड़े उपभोक्ता की बिलिंग ऑनलाइन करने के प्रयास में जुटा है। जिसके क्रम में फरवरी 2017 से ग्रामीण क्षेत्रों की बिलिंग ऑनलाइन किए जाने की योजना तैयार की गई है।
इसमें ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं की बिलिंग करने वाली बिलिंग कंपनियां गांव-गांव घूमकर उपभोक्ताओं को उनका अपडेटेड बिल महैया कराएंगी। अभी यह बिल लखनऊ से छपकर आने के बाद ही उपभोक्ताओं को मिल पाते थे। जिसमें तमाम तरह की कमियां होती थी। लेकिन ऑनलाइन बिलिंग होने से ऐसी तमाम दिक्कतों से ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को छुटकारा मिल जाएगा और न तो उनके बिल में कोई गड़बड़ी रहने पाएगी।
मुख्य अभियंता आरके श्रीवास्तव के मुताबिक मंडल के चारों जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में फरवरी महीने से ऑनलाइन बिलिंग की व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी। जिसके लिए बिलिंग करने वाली कंपनियों को सारा डेटा मुहैया कराते हुए कम्प्यूटर इत्यादि की व्यवस्था की जा चुकी है।
उपभोक्ता बिलिंग कंपनियों से मिलने वाला बिल अगर चाहे तो सीएससी पर जमा कर सकता है और अगर वहां नहीं जमा करना चाहता है तो वह बिजलीघर, उपखंड अधिकारी के कार्यालय और एक्सईएन दफ्तर पर भी जमा कर सकता है