अब कोई भी निशक्त प्रमाणपत्र बगैर ऑनलाइन आवेदन के नहीं जारी किया जाएगा। इसके लिए आवेदक को अपना रजिस्ट्रेशन लोकवाणी के माध्यम से कराना होगा। जिसके बाद यही आवेदन एनआईसी के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया जाएगा।
जहां डॉक्टरों का पैनल पहले मंगलवार को आवेदक की निशक्तता का प्रतिशत तय करने के बाद दूसरे मंगलवार को उसे प्रमाणपत्र जारी करेगा। जिसके लिए आवेदनकर्ता को अपने साथ लोकवाणी से मिली रसीद के अलावा राशन कार्ड की मूलप्रति लेकर जाना अनिवार्य होगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी के स्तर से जारी होने वाले निशक्तता प्रमाणपत्रों में किसी तरह की कोई खामी न हो, और जरूरतमंदों को इसका लाभ मिले। इसके लिए शासन ने प्रमाणपत्र जारी होने की प्रक्रिया आनलाइन कर दी है। गोंडा में आवेदक को नजदीकी लोकवाणी केन्द्रों पर जाकर पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
इसमें मंगलवार को सिर्फ वही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जिनका रजिस्ट्रेशन रविवार से पहले होगा। आर्थो विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि निशक्त प्रमाणपत्र जारी करने वाले डॉक्टरों के पैनल में एक आर्थो स्पेशलिस्ट, एक ईएनटी सर्जन व एक नेत्र रोग विशेषज्ञ लोकवाणी केन्द्रों से आने वाले आवेदनों पर विचार कर मंगलवार को कार्यालय में उपस्थित होने वाले निशक्तों का परीक्षण करेगा।
इसके बाद दूसरे मंगलवार को सारे डॉक्टर अपने हस्ताक्षर कर आवेदनकर्ता को उसका प्रमाणपत्र जारी करेंगे। इसके लिए पहले मंगलवार को आवेदनकर्ता का आना जरूरी होगा। इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी राशनकार्ड की मूलप्रति होगी।
सीएमओ गोंडा डॉ. अमर सिंह कुशवाहा ने बताया कि अब निशक्तों को पास के नजदीकी लोकवाणी केन्द्र पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जिसके बाद डॉक्टरों का पैनल परीक्षण कर तय करेगा, कि किसकों कितने प्रतिशत निशक्तता का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।