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नियम ताक पर रख खर्च कर दिए डेढ़ करोड़

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गोंडा। विकास के बजट में पंचायतों के कामकाज का खुलासा ऑडिट में हुआ है। वर्ष 2010 से 2015 के मध्य ग्राम पंचायतों ने नियम को ताक पर रखकर 1.68 करोड़ खर्च कर डाले। वित्तीय अनियमितता का उजागर ऑडिट के जरिए हुआ। अब ऑडिट की रिपोर्ट व कार्रवाई की संस्तुति पर 13 ग्राम पंचायतों के खिलाफ प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जिला विकास अधिकारी ने तीन विकास खंड के खंड विकास अधिकारियों को पंचायतों के अभिलेखों पर हुई जांच के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। महालेखाकार की जांच में आए मामलों से पंचायतों की मनमानी उजागर हुई खलबली मची है।
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महालेखाकार जनरल एवं सोशल सेक्टर ऑडिट उत्तर प्रदेश की ओर से पंचायतों के कामकाज की जांच की गई है। रिपोर्ट में 13 ग्राम पंचायतों के कामकाज सवालों से घिरे हैं। वर्ष 2010 से 2015 के बीच खर्च हुए बजट में मानक की अनदेखी सामने आई है। महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आए हैं कि पंचायतों ने वर्ष 2010-15 के बजट खर्च करने के लिए कार्य योजना ही नही बनाई। 13 पंचायतों ने सरकार से मिले अनुदानों को मनमाने ढंग से खर्च किए। प्रकाश व्यवस्था, जल आपूर्ति, निर्माण, कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई, अनुरक्षण, मार्गों के मरम्मत व निर्माण पर नियमों की अनदेखी के ही बजट खर्च कर दिया। इसमें 1.68 करोड़ रुपये का बजट सामग्री खरीद पर किया। सामग्री खरीद के लिए बजट बिना कोटेशन और निविदा के ही कर दिया गया। इससे सामग्री खरीद में अनियमितता सामने आ रही है। महालेखाकार ने इस पर सवाल खड़े किए हैं।
यही नहीं 13 पंचायतों ने 9.20 लाख रुपये का खर्च ग्राम पंचायत में स्थापित हैंडपंपों के मरम्मत पर किया गया। इसका उल्लेख ही पंचायत के अभिलेखों में नहीं मिल रहा है। यही नही 2.18 करोड़ रुपये का बजट सड़कों के निर्माण में खर्च किया गया है और कोई आगणन नहीं किया गया। इससे भी अनियमितता होने की संभावना जताई है। अब ऑडिट की आपत्तियों के निस्तारण के निर्देश जिले के अधिकारियों को दिए हैं। माना जा रहा है कि पंचायतों के मनमाने ढंग से बजट खर्च किए जाने का खेल सामने आ चुका है।
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इन पंचायतों में गड़बड़ियां आईं हैं सामने
जिले की जिन 13 पंचायतों में ऑडिट की आपत्तियां सामने आई हैं। उसे अब सुधारने का कार्य हो रहा है। कटरा बाजार क्षेत्र के बरई गोंदहा, चरेरा, गौरवा कलां, कोटिया मदारा, नदवां, रायपुर फकीर, तिलका गांव पंचायतों में खामी मिली है। इसी तरह परसपुर के अभईपुर, भौरीगंज, कड़रू, मधईपुर खंडेराय, परसपुर, सरैंया चौबे व बेलसर की ऐली परसौली, हरखापुर, मरगूबपुर, सिघौटी आदि जांच के दायरे में आई है।
कार्रवाई के दिए गए निर्देश
जिला विकास अधिकारी ने तीन विकास खंड के खंड विकास अधिकारियों को पंचायतों के अभिलेखों पर हुई जांच के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। -आशीष कुमार, सीडीओ
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