कंपोजिट विद्यालय पुरैना में एसआईआर मैपिंग करते बीएलओ। - संवाद
गोंडा। विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद लोकसभा व विधानसभा की मतदाता सूची से 1.93 लाख शिप्टेड मतदाताओं का अधिकारी पता लगाएंगे। इसके लिए निर्वाचक व सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी खुद बीएलओ एप लॉगिन करेंगे। तार्किक विसंगति दूर की जाएगी। रोल बैक कर मतदाताओं को पात्रता श्रेणी में लाया जा सकेगा। एडीएम की ओर से अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि जिले में लगभग एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद भी 4.79 लाख मतदाता सूची से बाहर किए जा चुके हैं। इसमें सबसे अधिक 1.93 लाख शिप्टेड मतदाता हैं। इन मतदाताओं के किसी अन्य स्थान पर पंजीकृत होने की आशंका जताई जा रही है। सटीक जानकारी जुटाने के लिए अधिकारियों ने एक बार फिर से कवायद तेज कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग की मंशा है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न हो, वहीं, अपात्रों को मतदाता सूची से बहार किया जाए। वहीं, बीएलओ एप पर एसआईआर की तार्किक विसंगतियां प्रदर्शित हो रही है। बीएलओ को उसे दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्वाचक और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बीएलओ एप लॉगिन करेंगे।
गोंडा विधानसभा से अधिक मतदाता गायब
अधिकारियों ने बताया कि जिले की सातों विधानसभा में से गोंडा विधानसभा सबसे अधिक मतदाता शिफ्टेड की श्रेणी में शामिल हो गए हैं। यहां 10 प्रतिशत से अधिक लोगों ने शिफ्ट किया है। इसके बाद गौरा व मनकापुर विधानसभा क्षेत्र है। यहां से लगभग आठ प्रतिशत से अधिक मतदाता शिफ्ट किए। इसके बाद तरबगंज व करनैलगंज की स्थिति दर्ज हुई है। सबसे कम मेहनौन व कटरा विधानसभा में लोगों ने शिफ्ट किया है। यहां भी पांच प्रतिशत से अधिक वोटर शिफ्टेड श्रेणी में शामिल किए गए हैं।