बालश्रम के खिलाफ चलाए गये अभियान में बालश्रम से मुक्त कराये गये बच्चों को अफसरों ने सोमवार को गोद लिया। अलग-अलग अफसरों की ओर से गोद लिये गये नौ बच्चों का सर्वोदय कार्यक्रम के तहत शैक्षिक पुनर्वास किया जाएगा। बालश्रम से मुक्त कराये गये बच्चों को अफसरों की ओर से दुलार मिलने पर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
जिले में एक माह पूर्व शासन के निर्देश पर बाल श्रम के खिलाफ अभियान चला कर बच्चों को मुक्त कराया गया था। जिला अधिकारी आशुतोष निरंजन व एसपी सुधीर कुमार सिंह और देवी पाटन मण्डल के उप श्रमायुक्त शमीम अख्तर की पहल पर बालश्रम से मुक्त कराए गये बच्चों के शैक्षिक पुनर्वास की पहल की गई। जिला प्रशासन ने बाल श्रम से मुक्त कराए गये बच्चे दोबारा बाल श्रम की ओर न जा सकें इसके लिए फुलफ्रूप प्लान तैयार किया है।
इसको लेकर सर्वोदय कार्यक्रम के तहत बाल श्रम से मुक्त हुए इन बच्चों को अधिकारियों ने जिला पंचायत सभागार में गोद लिया। इस मौके पर डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि सभी बच्चों का ऑन लाइन डाटा तैयार किया जाए। बच्चों के पुनर्वास व उनके एक्टिविटी की नियमित समीक्षा की जाएगी।
एसपी सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि वह जिस बच्चे को गोद ले रहे हैं वह यहां से जाने के बाद भी उसकी जिम्मेदारी का निर्वहन करते रहेंगे। इस मौके पर उप श्रमायुक्त शमीम अख्तर ने कहा कि बच्चों के अभिभावक जहां चाहें अपने बच्चों को पढ़ाएं पूरी शैक्षिक खर्च गोद लेने वाले अधिकारी उठाएंगे। बच्चों के क्रिया कलाप की मासिक, त्रैमासिक व वार्षिक समीक्षा की
करनैलगंज के शादाब को डीएम ,बौडिय़नपुरवा के मोनू को सीडीओ, करनैलगंज के समीर को एसपी, पिपरिया कैसरगंज के मोगली को एडीएम,नचनी करनैलगंज के रोहित को एएसपी, चाइनपुरवा करनैलगंज के राजा को पीडी,चाइनपुरवा के प्रकाश को डीपीआरओ व अहिरनपुरवा के सोनू व सकरौरा के लक्ष्मण को उपश्रमायुक्त ने गोद लिया है। गोद लेने वाले यह अधिकारी इन बच्चों के शैक्षिक पुनर्वास की व्यवस्था कराएंगे।