रगड़गंज (गोंडा)। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा उमरी बेगमगंज के किसानों का कर्ज तय समय के भीतर माफ न होने पर किसान ने डीएम के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की जिसके बाद हाईकोर्ट जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने डीएम डॉ. नितिल बंसल को दो माह के भीतर किसान की कर्जमाफी का निर्णय लेने का आदेश दिया है।
लघु एवं सीमांत किसानों के उन्नयन व विकास के लिए योगी सरकार ने किसान ऋण मोचन योजना शुरू की थी। प्रदेश सरकार ने कई चरणों में जिले के किसानों के कर्ज माफ कर दिए, लेकिन सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा उमरी बेगमगंज में तकनीकी खामी के कारण करीब 1582 किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ था।
बैंक की तकनीकी खामी के कारण 1582 किसानों का खाता बगैर जमा निकासी के रिन्यूवल हो गया था। जिसको लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाकर कर्जमाफी से संबंधित खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिसके बाद स्थानीय विधायक व जिला प्रशासन ने खबर को संज्ञान लिया। तत्कालीन डीएम जेबी सिंह ने मामले के जांच एसडीएम तरबगंज व एलडीएम बैंक से करवाई। जांच में पता चला कि किसी किसान ने कोई लेनदेन नहीं किया है।
जांच टीम ने किसानों को ऋण मोचन योजना के लिए पात्र बताया जिसके बाद तत्कालीन डीएम जेबी सिंह ने शासन से कर्ज माफ करने के लिए पत्र लिखा। विधायक प्रेम नारायण पांडेय के पैरवी के बाद शासन के आदेश के पर दो चरणों में करीब 1300 किसानों का कर्ज माफ हो गया, लेकिन करीब 200 किसान कर्जमाफी से छूट गए। छूटे किसानों ने मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को पत्र लिखा लेकिन सुनवाई नहीं हुई जिस पर किसानों की तरफ से अधिवक्ता गणेश नाथ मिश्र ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद लखनऊ बेंच में याचिका दायर की।
20 नवंबर 2018 को न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने डीएम को चार सप्ताह के भीतर प्रकरण को निस्तारित करने का आदेश दिया, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद किसान का कर्ज माफ नही हुआ। किसान वीरेंद्र बहादुर सिंह ने हाईकोर्ट में डीएम के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की। अवमानना याचिका में जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने जिलाधिकारी डॉ. नितिल बंसल को दो माह के भीतर प्रकरण में निर्णय लेने का आदेश दिया है।
200 किसानों को कर्जमाफी का इंतजार
बेलसर ब्लॉक के सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा उमरी बेगमगंज के अंतर्गत ग्राम ऐली परसौली, जफरापुर, उमरी बेगमगंज, सौनौली मोहम्मदपुर, डिकसिर, पूरेडाल, मुकुंदपुर, सेमरीकला व इस्माइलपुर के करीब 200 किसान अभी भी कर्जमाफी का इंतजार कर रहे है। बीते अगस्त माह में छूटे किसानों ने ऑफलाइन आवेदन जिला कृषि अधिकारी के यहां जमा किया था। कृषि विभाग ने किसानों का डिमांड डेटा कृषि निदेशालय भेज दिया था जिस पर शासन ने 15 नवंबर को डिमांड जेनरेशन का डेटा पुन: परीक्षण कराने के निर्देश दिए है। क्षेत्र के सैकड़ों किसान कर्जमाफी का इंतजार कर रहे है साथ ही बैंक किसानों के खाते में लगातार ब्याज भी लगाता जा रहा है। किसान वीरेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि सोमवार को जिले में किसान दिवस मनाया गया लेकिन हम किसान अधिकारी से लेकर न्यायालय तक चक्कर लगा रहे है, कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।
किसान ऋण मोचन योजना के तहत कर्ज माफ न होने पर माननीय न्यायालय ने जो आदेश दिए उस पर नियमानुसार कार्यवाई की जायेगी। ऋण मोचन योजना में पात्र किसानों को योजना का लाभ देकर कर्ज माफ किया जायेगा। -डॉ नितिल बंसल, डीएम