गोंडा। नकली बीज की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग अप्रैल से क्यूआर कोड की नई व्यवस्था लागू करेगा। इसके तहत सरकारी व निजी कंपनियों द्वारा बेचे जाने वाले बीज पैकेट पर क्यूआर कोड अनिवार्य रूप से अंकित रहेगा। बीज की खरीद करते समय किसान मोबाइल से अंकित कोड तो स्कैन कर बीज की गुणवत्ता, उत्पादन एजेंसी, जांच प्रक्रिया और प्रमाणीकरण की पूरी जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे।
जिले में कुल 1568 लाइसेंसधारी बीज विक्रेता हैं। विभाग की तरफ से इन दुकानदारों को इसके लिए विशेषतौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। अप्रैल से दुकानों पर सिर्फ केवल क्यूआर कोड युक्त बीज पैकेट की ही बिक्री होगी। बिना क्यूआर कोड के बीज की बिक्री करने पर कार्रवाई तय होगी। नई व्यवस्था के तहत बीज उत्पादक संस्थाओं, एफपीओ, कृषि विज्ञान केंद्र, बीज कंपनियों, थोक कारोबारियों और फुटकर विक्रेताओं से संबंधित विवरण एकत्र कर राज्य कृषि निदेशालय को भेजा जाएगा।
यह डाटा साथी (सीड ऑथेंटिकेशन, ट्रेसबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंट्री) पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे बीज की गुणवत्ता पूरी तरह सुनिश्चित हो सके। कृषि विभाग का दावा है कि इस व्यवस्था से अप्रमाणित व नकली बीज की बिक्री पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी। जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि क्यूआर कोड व्यवस्था लागू होने से किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने में प्रभावी मदद मिलेगी।