गोंडा। परिषदीय स्कूलों में अब पढ़ाई का तरीका बदलने जा रहा है। किताबों तक सीमित रहने वाली शिक्षा अब तकनीक के जरिए बच्चों तक पहुंचेगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने नए शैक्षिक सत्र से कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में कम से कम एक डिजिटल लर्निंग क्लास अनिवार्य कर दी है। इसके तहत बच्चों को स्मार्ट बोर्ड, वीडियो लेक्चर, ई-कंटेंट और इंटरएक्टिव गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाया जाएगा।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है। बच्चों को तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकें। डिजिटल लर्निंग क्लास का उद्देश्य बच्चों को आधुनिक और स्मार्ट तरीके से सीखने के लिए प्रेरित करना है। बच्चों को ई-कंटेंट, वीडियो लेक्चर, इंटरएक्टिव क्विज अन्य डिजिटल टूल्स के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इससे पढ़ाई रोचक और आसान बनेगी। बच्चे विषयों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और उनकी सीखने में रुचि भी बढ़ेगी।
डिजिटल कक्षाओं में विद्यार्थियों को बेसिक कंप्यूटर ज्ञान, इंटरनेट के सही उपयोग, ऑनलाइन लर्निंग टूल्स, डिजिटल कंटेंट की समझ और प्रेजेंटेशन स्किल्स भी सिखाई जाएंगी। विषयों को एनिमेशन और वीडियो के जरिए समझाने से बच्चों की समझने की क्षमता और आत्मविश्वास दोनों मजबूत होंगे। इससे वे न सिर्फ पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, बल्कि भविष्य में रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार हो सकेंगे।