रुपईडीह/गोंडा। आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में कम पढ़ी-लिखी महिलाओं के नाम पर करोड़ों रुपये के सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) घोटाले में अब रिकवरी की तैयारी तेज हो गई है। जांच पूरी होने के बाद सीडीओ अंकिता जैन ने रिपोर्ट स्वत: रोजगार उपायुक्त को भेज दी है। इसके बाद नौ ग्राम संगठनों और अनेक स्वयं सहायता समूहों को नोटिस जारी किया गया है।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को कामकाज शुरू करने के लिए एक बार सीआईएफ के तौर पर 1.5 लाख रुपये जारी किए जाते हैं। मगर निजी लाभ के लिए एक-एक समूहों को कई बार निवेश निधि जारी की गई। ऐसे में वर्ष 2021-22 से अब तक ब्लॉक के सभी 683 स्वयं सहायता समूहों को सीआईएफ देने के लिए साढ़े पांच करोड़ रुपये जारी किए गए।। मगर अभी तक सिर्फ 440 समूहों को ही सीआईएफ देकर भारत सरकार के पोर्टल पर उनका ब्योरा दिया गया। बाकी 243 समूहों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर नहीं दी जा सकी है।
जांच में स्पष्ट हुआ कि कैश और चेक के माध्यम से नियम विरुद्ध भुगतान कर बंदरबांट किया गया। अब तक करीब 1.80 करोड़ रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि हो चुकी है। डीडीओ की रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ अंकिता जैन ने बताया कि रिपोर्ट स्वत: रोजगार उपायुक्त जेएन राव को सौंप दी गई है। परीक्षण करके नियमानुसार जिम्मेदार तय करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बीडीओ अभय सिंह ने नौ ग्राम संगठन व समूहों को नोटिस जारी किया। इसमें कहा कि कतिपय कारणों से समूहों व ग्राम संगठनों को एक से अधिक सीआईएफ जारी हो गई है। ऐसे में नियमानुसार पैसा वापस किया जाए। ताकि बाकी समूहों को भी सीआईएफ का भुगतान किया जा सके।
स्वत: रोजगार उपायुक्त जेएन राव ने बताया कि रिपोर्ट में दिए गए तथ्यों का बैंकों के वउचर से मिलान किया जा रहा है। बैंकों का दौरा कर जानकारी एकत्र की गई है। रिपोर्ट से संबंधी कार्रवाई के लिए अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।