गोंडा। बिजली बिल राहत योजना-2025-26 में उदासीनता और धीमी प्रगति के चलते देवीपाटन जोन के मुख्य अभियंता ने चार उपखंड अधिकारियों (एसडीओ) और 15 अवर अभियंताओं (जेई) को चेतावनी नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को योजना में पंजीकरण न कराने वाले 1,482 बकायेदार उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए हैं। वसूली के लिए आरसी (राजस्व वसूली) तहसील भेजी जाएगी।
एक दिसंबर 2025 से बिजली बिल राहत योजना वर्तमान में अपने तीसरे चरण में है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को बकाया धनराशि में शामिल ब्याज पर 100 प्रतिशत और मूलधन पर 15 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। बिजली चोरी के मामलों में पकड़े गए जुर्मानों पर भी 40 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। अंतिम चरण 28 फरवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। कर्मचारी अवकाश के दिनों में भी काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ अधिकारियों और अभियंताओं की ओर से बार-बार निर्देशों के बावजूद योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में उदासीनता बरती जा रही है।
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि तरबगंज द्वितीय के एसडीओ मुकेश कुमार (16.01% पंजीकरण), रेहरा के एसडीओ शिवकुमार वर्मा (17.89% पंजीकरण), गिलौला के एसडीओ प्रवेंद्र सिंह (19.87% पंजीकरण) और मोतीगंज गोंडा के एसडीओ (24% पंजीकरण) को निंदा प्रविष्टि और नियम-10 के तहत नोटिस जारी किया गया है। बार-बार निर्देश के बावजूद उनकी प्रगति संतोषजनक नहीं रही है।
अवर अभियंताओं पर भी गिरेगी गाज
मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने बताया कि खराब प्रगति में अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार (17.50%), सुरेश कुमार (17.86%), विद्या सागर (19.18%), अंकुर प्रसाद सिंह (19.53%), दीपक कुमार तिवारी (20.33%), देवकी नंदन (23.11%), ज्ञानेंद्र चौहान (23.33%), विशाल चौरसिया (23.35%), मधुसूदन कुमार (23.35%), शत्रुधन सिंह (23.70%), अंकुर प्रसाद सिंह (24.36%), आमोद कुमार (24.36%), विजय रंजन (25.03%), अनय कुमार साहनी (25.04%) और धर्मेंद्र कुमार (25.15%) शामिल हैं। सभी को भी चेतावनी जारी की गई है। यदि अगले पांच दिनों में उनके प्रदर्शन में सुधार नहीं होता है, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।