एकीकृत सूचना प्रणाली में छात्रों का डाटाबेस तैयार करने में खंड शिक्षा अधिकारियों की शिथिलता आड़े आ रही है। निर्धारित तारीख बीत जाने के बाद भी जिले के किसी भी विकास खंड में यू-डायस के अंतर्गत स्टूडेंट डाटाबेस नहीं तैयार हो पाया है। बीएसए की समीक्षा बैठक में इसका खुलासा हुआ। इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए बीएसए ने 15 बीईओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
स्कूलों में नामांकन के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने सभी परिषदीय, एडेड, मान्यता प्राप्त स्कूलों व मदरसों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का डाटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया है। इस डाटाबेस के तैयार होने के बाद इनकी फीडिंग जिले के एकीकृत सूचना प्रणाली यू-डायस पर की जानी है।
इसके लिए सर्व शिक्षा अभियान के ईएमआईएस प्रभारी जगदीश शरण गुप्ता ने सभी ब्लॉक संसाधन केंद्र के ब्लॉक समन्वयक, न्याय पंचायत समन्वयक व नामित रिसोर्स पर्सन को 32 बिंदुओं का प्रपत्र उपलब्ध कराते हुए सूचना मांगी थी। इस कार्य के लिए शासन ने 30 अक्तूबर तक का समय दिया था। इसके बाद इस सूचना को यू-डायस में फीड कर स्टूडेंट डाटाबेस का काम पूरा किया जाना था।
30 दिसंबर तक यह सारी सूचनाएं सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय को भेजी जानी है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्धारित समय में इस कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारियों की शिथिलता के कारण बभनजोत ब्लॉक को छोड़कर किसी भी ब्लॉक में स्टूडेंट डाटाबेस का काम पूरा नहीं हो सका है। 24 दिसंबर को बीएसए की समीक्षा बैठक में इसका खुलासा हुआ है। इस पर नाराजगी जताते हुए बीएसए अजय कुमार सिंह ने बभनजोत को छोड़कर अन्य सभी ब्लॉकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।