गोंडा। पड़रीकृपाल ब्लॉक क्षेत्र में मनरेगा के कार्यों में गड़बड़ी कर गबन करने के आरोपी तत्कालीन बीडीओ (अब सीतापुर के डीडीओ) समेत पांच कर्मचारियों को बयान दर्ज कराने के लिए मुकदमे के विवेचक ने नोटिस जारी कर नगर कोतवाली में तलब किया है। बयान के बाद विकास कार्यों से जुड़े अभिलेख भी खंगाले जाएंगे।
पड़रीकृपाल ब्लाॅक के वरिष्ठ सहायक बृजेश दूबे ने 27 दिसंबर 2024 को नगर कोतवाली में तत्कालीन बीडीओ हरिश्चंद्र राम प्रजापति, तत्कालीन अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, तत्कालीन अवर अभियंता लघु सिंचाई रमेश कुमार, तत्कालीन लेखाकार संजीव वर्मा व कृष्णकुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा कि वर्ष 2017-18 व 2018-19 में आंशिक कार्य कराकर लाखों रुपये का गबन किया गया था।
मुकदमे के विवेचक एवं नगर कोतवाली के निरीक्षक अपराध अरविंद कुमार यादव ने बताया कि तफ्तीश शुरू कर दी गई है। मुकदमे में बीडीओ समेत पांचों आरोपियों को नोटिस भेजकर बयान के लिए कोतवाली नगर में तलब किया गया है। आरोपियों के बयान के आधार पर विकास कार्यों से संबंधित अभिलेखों को भी खंगाला जाएगा।
ये है मामला
शहर के राधाकुंड निवासी सुरेंद्र कुमार ने जिलाधिकारी से पड़रीकृपाल ब्लॉक क्षेत्र में मनरेगा योजना से वर्ष 2017-18 व 2018-19 में कराए गए विकास कार्यों, तालाब निर्माण, खड़ंजा व मिट्टी पटाई समेत सात कार्यों में गड़बड़ी कर लाखों रुपये के गबन की शिकायत की थी। डीएम के आदेश पर तीन जनवरी 2022 को तत्कालीन उपायुक्त स्वत: रोजगार एनबी सविता व तत्कालीन अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंंड लोक निर्माण विभाग देवेंद्रमणि ने जांच की तो पाया कि भुगतान के सापेक्ष मौके पर कार्य नहीं पाया गया। आंशिक कार्य कराकर धन का गबन किया गया है। यही नहीं विकास कार्यों से संबंधित पत्रावली भी गायब मिलीं।