वाराणसी में 102 की 38, 108 की है 19 एंबुलेंस
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करनैलगंज चचरी चौराहे से प्रतापपुर मार्ग पर लोनियनपुरवा गांव की रहने वाली एक महिला प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। एंबुलेंस के लिए परिवारीजन घंटों तक भटकते रहे लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली। निराश परिवारीजन प्रसूता को कंधे पर लादकर अस्पताल पहुंचे तो एएनएम ने देर रात महिला का प्रसव कराया।
लोनियनपुरवा गांव के रहने वाले अनिल कुमार के मुताबिक बुधवार की रात करीब 11 बजे उनकी गर्भवती पत्नी रेखा देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन रेखा को लेकर चचरी प्रतापपुर मार्ग पर पहुंचे। यहां से 108 व 102 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया गया लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही रहा।
करीब घंटे भर तक परिवारीजन फोन लगाते रहे लेकिन इस सेवा के जिम्मेदारों ने फोन नहीं उठाया। इस दौरान प्रसूता दर्द से तड़पती सड़क पर लेटी रही। आखिरकार परिवारीजनों ने उसे कंधे पर लादा और करीब दो किमी दूर तक पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया।
देर रात एएनएम ने प्रसव कराया। 108/102 एम्बुलेंस के सेवा प्रदाता उमाशंकर ने बताया कि मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। अगर कोई फोन आया भी होगा तो सीधे काॅल सेंटर से इसकी जानकारी सीएचसी में बैठे हमारे प्रतिनिधियों को दी जाती है, लेकिन वहां ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है।