एक साल बाद भी चयनित मजरों में विद्युतीकरण का काम शुरू न होने से डीएम खफा हैं। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को तलब करने का फरमान जारी किया गया है। डीएम ने विद्युतीकरण का काम तत्काल शुरू कराने का निर्देश एक्सईएन पावर कार्पोरेशन को दिया है। जिले के 3054 मजरों को एक अरब 58 करोड़ रुपये की लागत से राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत रोशन किया जाना है।
एक्सईएन पावर कार्पोरेशन मोतीलाल ने बताया कि जिला योजना समिति के जरिये जिले की 909 ग्राम पंचायतों के 3054 मजरों का चयन वित्तीय वर्ष 2014 में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के दूसरे फेज के तहत किया गया था।
कार्यदायी संस्था मेसर्स वैरीगेट प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड हैदराबाद तेलंगाना को विद्युतीकरण का काम कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पावर कार्पोरेशन ने कार्यदायी संस्था की डिमांड पर बजट का आवंटन भी कर दिया था। कार्पोरेशन ने संस्था को सभी चयनित मजरों में नवंबर 2014 से विद्युतीकरण का काम शुरू कराने का निर्देश दिया था।
बीते दिनों समीक्षा बैठक के दौरान डीएम प्रीति शुक्ला ने एक वर्ष बाद भी विद्युतीकरण का काम शुरू न होने पर कार्यदायी संस्था की लापरवाही के खिलाफ कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर मोहन बाबू को तलब करने का फरमान जारी किया है।
डीएम के निर्देश पर एक्सईएन पावर कार्पोरेशन ने प्रोजेक्ट मैनेजर को काम शुरू कराने के लिए पत्र लिखा है। पत्र में एक्सईएन पावर कार्पोरेशन ने प्रोजेक्ट मैनेजर को डीएम के समक्ष तत्काल उपस्थित होने का निर्देश जारी किया है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि एक सप्ताह के अंदर कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ने काम शुरू नहीं कराया तो कार्रवाई के लिए शासन को भी पत्र लिखा जाएगा।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत दूसरे फेज में जिले के 500 से कम आबादी वाले मजरों को रोशन करने का प्रस्ताव रखा गया है।
पहले फेज में 500 से अधिक आबादी वाले मजरों का विद्युतीकरण कार्य कराया जा चुका है। योजना का कार्य पूरा होने से जिले के करीब सभी मजरे रोशन हो सकेंगे। कार्यदायी संस्था को तत्काल विद्युतीकरण का काम शुरू कराने का निर्देश दिया गया है।