नोटबंदी के बाद लोगों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। शुक्रवार को सुबह से कतार में खड़े ग्राहकों ने पैसा न मिलने से नाराज होकर गोंडा-लखनऊ मार्ग जाम कर दिया। वहीं इलाज के लिए पैसा न मिलने पर पति-पत्नी बैंक के सामने अनशन पर बैठ गये।
बैंक कर्मियों की मनमानी के चलते लोगों को दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। मामला क्षेत्र के भंभुवा का है, जहां सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में सुुबह से सैकड़ों ग्राहक पैसा निकालने के लिए लाइन में खड़े रहे। दोपहर बाद बैंक कर्मियों ने पैसा न होने एवं कम पैसे के भुुगतान की बात कही तो कतारबद्ध ग्राहकों ने गोंडा-लखनऊ मार्ग जाम कर दिया।
थोड़ी देर बाद मौके पर पहुुंची पुुलिस ने लोगों को भुगतान कराने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। वहीं करनैलगंज नगर के इलाहाबाद बैंक में सुबह से ग्राहकों की लंबी लाइन लगी रही। ग्राहकों के मुताबिक, बैंक में सुबह से चार हजार रुपये प्रति ग्राहक दिया जा रहा था। दोपहर बाद उसे दो हजार कर दिया गया।
नगर के गांधीनगर निवासी शिवकुमार कांदू व उनकी पत्नी मंशा देवी लाइन में लगी थी। दोनों ने इलाज कराने के लिए आठ हजार रुपये विड्राल दिया और दवा का पर्चा दिखाया मगर भुगतान न मिलने पर दोनों बैंक के बाहर अनशन पर बैठ गये। अनशन की सूचना पर पहुंची कस्बा पुलिस ने बैंक अधिकारियों से मिलकर उन्हें भुुगतान कराया।