पीएचसी में मरीजों का उपचार करते डाॅक्टर। संवाद
परसपुर/हलधरमऊ/मसकनवा/गोंडा। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं। हालांकि, हलधरमऊ के पीएचसी नहवापरसौरा में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और लैब टेक्नीशियन (एलटी) की अनुपस्थिति से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। परसपुर क्षेत्र के चार पीएचसी में डॉक्टरों ने मरीजों का उपचार किया। मसकनवा पीएचसी में 52 मरीजों की जांच कर दवाएं दी गईं।
हलधरमऊ के पीएचसी नहवापरसौरा में दोपहर 12:30 बजे तक 36 मरीज पहुंचे थे। आयुष चिकित्सक डॉ. उदेश कुमार ने मरीजों को परामर्श दिया। फार्मासिस्ट मनोज श्रीवास्तव और स्टाफ नर्स मुकेश कुमार मौजूद रहे लेकिन एलटी नदारद थे। खांसी और सांस फूलने की समस्या लेकर पहुंचे रमाशंकर, घनश्याम और संपूर्णानंद का उपचार किया गया। मरीज गुड़िया ने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिलने से महिलाओं को अपनी समस्याएं बताने और उचित उपचार पाने में दिक्कत होती है। सीएमओ डॉ. संतलाल पटेल ने कहा कि व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा।
परसपुर सीएचसी के अंतर्गत चार पीएचसी में ओपीडी संचालित हुई। पीएचसी त्योरासी में आरबीएसके चिकित्सक डॉ. शानू सिंह ने 54 मरीजों का उपचार किया। पूरे तिवारी पीएचसी में सीएचसी अधीक्षक डॉ. लवकेश शुक्ल ने 13 मरीजों का इलाज किया। भौरीगंज पीएचसी में एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. मुकेश गुप्ता ने 15 मरीजों का उपचार किया, जबकि मंगुरा बाजार पीएचसी पर आरबीएसके चिकित्सक डॉ. रवींद्र नाथ ने 18 मरीजों को परामर्श दिया।
पीएचसी मसकनवा में आयुष चिकित्सक डॉ. डीसी वर्मा ने 52 मरीजों का उपचार किया। वार्ड बॉय अनूप कुमार ने पंजीकरण किया, एलटी विजय प्रताप ने रक्त की जांच की और फार्मासिस्ट रमेश यादव ने दवाओं का वितरण किया। यहां सर्दी-जुकाम, पेट दर्द, ब्लड प्रेशर और शुगर की समस्या वाले मरीज पहुंचे। गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आयरन, कैल्शियम और फोलिक एसिड की दवाएं दी गईं।
पीएचसी में मरीजों का उपचार करते डाॅक्टर। संवाद