जिले में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के डिपो के माध्यम से पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति होती है। वर्तमान में डिपो में करीब तीन हजार किलोलीटर पेट्रोल और नौ हजार किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। हर तीसरे दिन रैक के माध्यम से डिपो को सप्लाई भी मिल रही है।
बीपीसीएल के सेल्स ऑफिसर मांगीलाल ने बताया कि गोंडा डिपो से गोंडा के साथ ही बलरामपुर, अयोध्या, श्रावस्ती, बहराइच, अमेठी और सिद्धार्थनगर को भी आपूर्ति की जाती है। सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 500 से 600 किलोलीटर (केएल) पेट्रोल और करीब एक हजार केएल डीजल की मांग रहती है। डिपो में लगभग तीन दिन का भंडारण रखा जाता है और हर तीसरे दिन कानपुर से रैक के जरिए आपूर्ति पहुंचती है।
अफवाह से बढ़ी मांग
आईओसीएल के सेल्स ऑफिसर नीरज सिंह ने बताया कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन अफवाह के कारण मांग में वृद्धि जरूर हुई है। पहले जहां खपत 250 से 300 केएल रहती थी, वह अब बढ़कर 400 से 450 केएल तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि गोंडा क्षेत्र के लिए लखनऊ से भी आपूर्ति की जा रही है, जिससे व्यवस्था सामान्य बनी हुई है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्लांट हेड शैलेंद्र वर्मा ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर प्लांट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। उनका कहना है कि भ्रामक सूचनाओं के कारण कुछ एलपीजी वितरकों के गोदामों पर भीड़ बढ़ने और लोगों के उग्र होने की सूचना मिल रही है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी।
भंडारण पर बढ़ी निगरानी
जिला पूर्ति अधिकारी कुंवर दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता है। अफवाह के कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर भीड़ जरूर बढ़ी है, जिसे देखते हुए विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि किसी को भी अनावश्यक रूप से पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण नहीं करने दिया जाएगा। पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि बोतल या डिब्बों में पेट्रोल न दें। इसके लिए टीम बनाकर नियमित निरीक्षण भी कराया जाएगा। अफवाह पर ध्यान न दें। जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल की खरीद करें।