बडे़ कैश भुगतान पर रोक से किसानों को दिक्कत हो रही है। उनको इस समय रबी सीजन के फसलों की बोआई आदि में बड़ी रकम की जरूरत है, लेकिन बड़े किसान को केसीसी से 25 हजार रुपये व उससे अधिक का भुगतान न मिलने से परेशानी हो रही है।
किसानों को कृषि यंत्र व बड़े कृषि निवेश लेने के लिए पैसे नही हैं। कई बैंकों में किसानों को मायूस लौटना पड़ा। इसका कारण बैंकों में कैश की कमी बतायी जा रही है। एक बैंक अधिकारी ने बताया कि आरबीआई से दो दिन हुए पैसा नही आया है। शुक्रवार व शनिवार को भी नही मिल सकेगा।
कृषि यंत्र व अधिक मात्रा में खाद-बीज की खरीद के लिए शुक्रवार को किसान शिव प्रसाद यादव पंजाब नेशनल बैंक में अपने किसान क्रेडिट कार्ड से 30 हजार रुपये निकालने गये थे लेकिन बैंक अधिकारी ने उन्हें अधिक रकम का भुगतान देने में असमर्थता जताकर लौटा दिया। किसान शिव प्रसाद का कहना है कि रबी सीजन में उनको पैसे की अधिक जरूरत है। लेकिन उनको यह नहीं मिल रही है।
किसान रामसुमेर शुक्रवार को सर्व यूपी ग्रामीण बैंक से 40 हजार रुपये निकालने गये थे लेकिन बैंक कर्मी ने इतनी बड़ी रकम देने से मना कर दिया है। बैंक कर्मियों का तर्क है कि जब तक बैंक में पर्याप्त कैश नहीं हो जाता है, बड़ी रकम का भुगतान संभव नही है।
इस पर केसीसी धारक ने जब बैंक से सरकार के घोषणा के मुताबिक 25 हजार रुपये ही दिये जाने की मांग की तो बैक ने इतने रकम के भुगतान पर भी हाथ खड़े कर दिये। कहा, बड़ी रकम का भुगतान संभव नहीं है। बैंकों में दो दिन से आरबीआई से पैसा नही आया है। इस वजह से कोई बैक सरकार की घोषणा पर अमल नहीं कर पा रहा है।
एलडीएम गाोंडा के एके पाण्डेय ने कहा कि किसानों को उनकी मांग पर केसीसी व बैंक बचत खाते दोनों से आसानी से भुगतान किया जा रहा है लेकिन यह भुगतान किसानों को कैश की उपलब्धता के आधार पर अलग-अलग बैंक अपने-अपने हिसाब से जमा निकासी कर रहे हैं। सरकार की ओर से किसानों व शादी के लिए भुगतान की जो घोषणा की गई है वह कै श की उपलब्धता पर ही संभव है। जब तक 500 रुपये के नये नोट पर्याप्त छपकर नही आते कुछ दिक्कत तो अभी रहेगी।