गोंडा। उ.प्र. स्टेट सहकारी बैंक की गोंडा शाखा में वित्तीय घोटाले के मामले में विशेष न्यायाधीश दानिश हसनैन ने पूर्व शाखा प्रबंधक अजय कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार, बैंक में नियमों के विपरीत ऋण स्वीकृत करने और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लेनदेन करने की जांच में 205 खाताधारकों के खातों से रकम के दुरुपयोग का मामला सामने आया है।
बैंक के आंतरिक खातों से अनधिकृत लेनदेन भी जांच के दायरे में है। कुल वित्तीय अनियमितता करीब 21.48 करोड़ रुपये की बताई गई है। इस मामले में 12 जनवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अजय कुमार समेत कई लोगों के नाम इसमें शामिल हैं।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि अजय कुमार ने गोंडा शाखा में मई 2023 से जुलाई 2024 तक ही काम किया था, जबकि कथित अनियमितताएं वर्ष 2021 से 2025 के बीच की हैं। अभियोजन ने आरोपों की गंभीरता और गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका जताते हुए जमानत का विरोध किया।
बम फेंकने और फायरिंग के आरोपी को जमानत नहीं
गोंडा। नगर कोतवाली क्षेत्र में घर पर बम फेंकने और फायरिंग के मामले में आरोपी कप्तान सिंह उर्फ भूपेंद्र प्रताप सिंह की जमानत अर्जी एडीजे सूर्य प्रकाश सिंह ने खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार, 18 मई 2026 की रात जानकी नगर कॉलोनी में एक महिला के घर पर बम फेंकने और गोलियां चलाने का आरोप है। (संवाद)
जानलेवा हमले के आरोपी को जमानत
गोंडा। नगर कोतवाली क्षेत्र में जानलेवा हमले के मामले में आरोपी रमन शंकर तिवारी को सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने जमानत दे दी है। अभियोजन के अनुसार, वादी वेदप्रकाश तिवारी ने 19 अगस्त 2026 को नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि वह अपनी दुकान बंद करने के बाद एनएन तिवारी अस्पताल के सामने स्थित दुकान पर रुके थे। इसी दौरान आरोपियों ने वादी और उनके भतीजे गौरव तिवारी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। प्राथमिकी में दोनों को जान से मारने की नीयत से हमला करने और सिर में चोट लगने का आरोप लगाया गया था। (संवाद)
दहेज उत्पीड़न के मामले में चार को राहत
गोंडा। खरगूपुर में दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोपों से जुड़े मामले में सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने आरोपी राजकुमार प्रजापति, हरीश कुमार उर्फ सूरज, बहोरी लाल प्रजापति और सावित्री वर्मा प्रजापति को सशर्त अग्रिम जमानत दी है। अभियोजन के अनुसार, वादिनी का विवाह सात मई 2026 को राजकुमार प्रजापति से हुआ था। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे। बाद में उसे गुजरात के राजकोट ले जाया गया। वहां भी उत्पीड़न किया गया। (संवाद)