गोंडा। मनरेगा योजना में गबन के मामले में आरोपी तकनीकी सहायक की अग्रिम जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार जिलाधिकारी नेहा शर्मा के आदेश पर जांच टीम के सदस्य जिला विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और अधिशासी अभियंता सिंचाई सरयू नहर खंड-4 ने झंझरी विकासखंड की ग्राम पंचायत कुंदुरखा में मनरेगा योजना के तहत साल 2022-2023 में कराए गए मिट्टी खोदाई के कार्य की स्थलीय जांच की थी।
टीम की जांच रिपोर्ट के अनुसार मौके पर मात्र आठ लाख 69 हजार 441 रुपये का ही कार्य होना पाया गया। कार्य पर आठ लाख छह हजार 392 रुपये अधिक भुगतान किया गया। जिलाधिकारी के आदेश पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक चंद्रशेखर ने 16 अक्तूबर 2023 को नगर कोतवाली में ग्राम इमिलिया गुरुदयाल निवासी व कुंदुरखा के तकनीकी सहायक प्रदीप कुमार चौधरी, ग्राम रोजगार सेवक किशोरीलाल, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी प्रसून श्रीवास्तव, प्रधान रेखा देवी व तत्कालीन अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी के खिलाफ सरकारी धन के गबन का केस दर्ज कराया गया था।
पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान मुकदमे के तथ्य एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी नवीन) नम्रता अग्रवाल ने आरोपी प्रदीप कुमार चौधरी का अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र खारिज कर दिया।