गोंडा। नौ माह से लंबित ईसीसीई (अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन) एजुकेटरों की भर्ती प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी कर ली गई। 210 एजुकेटरों के चयन बाद लंबे समय से इंतजार कर अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। एजुकेटरों की भर्ती से प्राथमिक शिक्षा को रफ्तार मिलेगी।
प्रथम चरण में जिले में 210 ईसीसीई एजुकेटरों की तैनाती प्रस्तावित है। इनमें 14 पीएम श्री विद्यालयों और 196 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार किया जाएगा। साथ ही पांच से छह वर्ष के बच्चों को लक्ष्य बनाकर निपुण भारत मिशन के तहत भाषा, गणना व बुनियादी साक्षरता के मानकों को पूरा कराने की जिम्मेदारी भी ईसीसीई एजुकेटरों को सौंपी जाएगी। भर्ती प्रक्रिया के तहत बीते मई माह में काउंसलिंग कराई गई थी, जिसके बाद चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन भी पूरा कर लिया गया था। इसके बावजूद चयन सूची जारी न होने से अभ्यर्थी असमंजस की स्थिति में थे। चयन की उम्मीद लगाए अभ्यर्थियों को रोजाना बीएसए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। अब चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को राहत मिली है।
चयनित अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग 15 व 16 जनवरी को बीएसए कार्यालय में कराई जाएगी। फिर मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के अनुसार विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्र का आवंटन किया जाएगा। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से पूरा किया गया है। काउंसिलिंग के बाद शीघ्र ही तैनाती की कार्रवाई भी पूरी कर ली जाएगी, जिससे प्रारंभिक शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
एजुकेटरों का प्रमुख दायित्व
तीन से छह वर्ष के बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करना।
पांच से छह वर्ष के बच्चों पर विशेष फोकस कर निपुण भारत मिशन का लक्ष्य पूरा करना।
अभिभावकों के साथ नियमित बैठक कर बच्चों की प्रगति से अवगत कराना।
बच्चों के समग्र विकास से जुड़ी जानकारी के आधार पर चाइल्ड प्रोफाइल तैयार करना।