गोंडा। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के स्त्री व प्रसूति रोग विभाग में प्रसव की सुविधा शुरू होने के पहले अत्याधुनिक सुविधाओं वाला एनआईसीयू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) तैयार किया जा रहा है। कोविड बिल्डिंग में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के सामने वाले वार्ड (कोरोना के समय आईसीयू) में मशीनें इंस्टाॅल पर एनआईसीयू बनाया जाएगा।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम ने बताया कि अस्पताल में 10 बेड का पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) पहले से संचालित है। ऐसे में एनआईसीयू की सुविधा शुरू होने से गंभीर रूप से बीमार बच्चों को रेफर नहीं करना पड़ेगा।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रिचा ने बताया कि प्रसव शुरू करने से पहले नवजात को गंभीर बीमारियों से बचाने की व्यवस्था करना जरूरी होता है। नवजात में बर्थ एस्फिक्सिया की समस्या होने की संभावना होती है। जन्म का पहला घंटा नवजात के लिए महत्वपूर्ण होता है। जन्म के समय ऑक्सीजन की कमी से दम घुटने से बच्चे को गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। ऐसे में एनआईसीयू इनके लिए वरदान साबित होगा।
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि एनएनसीयू बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद अस्पताल में सिजेरियन व नाॅर्मल प्रसव की सुविधा शुरू की जाएगी। (संवाद)