सिविल लाइंस में अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक। -संवाद
गोंडा। मोबाइल स्क्रीन पर बढ़ते समय और किताबों से घटती दूरी के बीच बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए स्कूलों में अखबार को माध्यम बनाने की पहल की जा रही है। रविवार को अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने स्कूलों में नियमित रूप से अखबार पढ़ने की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया।
शिक्षकों का मानना है कि अखबार बच्चों को मोबाइल की दुनिया से बाहर निकालकर देश-दुनिया की गतिविधियों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रवि प्रकाश सिंह ने कहा कि बच्चों में अखबार पढ़ने की आदत डालना शिक्षकों की बड़ी जिम्मेदारी है। अखबार केवल खबरों का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे बच्चों का सामान्य ज्ञान, शब्द भंडार और समसामयिक घटनाओं की समझ भी विकसित होती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी इसका लाभ मिलेगा। ऑल टीचर्स इंप्लाई वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अमर यादव ने बताया कि प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले तमाम बच्चों के घर अखबार नहीं पहुंचता। ऐसे में स्कूल में अखबार उपलब्ध होने से बच्चों को देश-दुनिया की खबरों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने संगठन के माध्यम से जिले के स्कूलों में इसे लागू कराने के लिए शिक्षकों को प्रेरित करने की बात कही। प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश मणि मिश्र ने स्कूलों में अखबार पढ़ने की नियमित व्यवस्था किए जाने पर जोर दिया। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय ने कहा कि बच्चों की कृतियों को प्रकाशित कराकर उन्हें प्रोत्साहित करने से इस अभियान को और गति मिलेगी। इस दौरान राकेश कुमार शुक्ल, निर्मल श्रीवास्तव, अखंड प्रताप सिंह, राकेश रंजन, अनुराग चंद्र मिश्र, लवकुश शुक्ल, विपुल मिश्र, यशवंत पांडेय आदि मौजूद रहे।