गोंडा। जिले की 194 चयनित ग्राम पंचायतों में स्थापित डिजिटल पुस्तकालयों (बाल एवं किशोर पुस्तकालय) की स्थलीय और अभिलेखीय जांच होगी। सीडीओ दयानंद प्रसाद ने नामित जांच अधिकारियों को तीन दिन में स्पष्ट रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीण बच्चों और युवाओं को पुस्तकें, ई-बुक्स, डिजिटल लर्निंग सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 17 मार्च 2025 को डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने की कवायद शुरू हुई थी। प्रत्येक पुस्तकालय के लिए चार लाख रुपये का प्रावधान किया गया था। इसमें दो लाख रुपये पुस्तकों व डिजिटल लर्निंग सामग्री, 1.30 लाख रुपये आईटी उपकरण और 70 हजार रुपये फर्नीचर के लिए निर्धारित थे। एनबीटी समेत करीब 80 प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदी गई हैं।
करीब 7.76 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद विद्यार्थियों को अपेक्षित लाभ नहीं मिलने की शिकायतों पर शासन के निर्देश पर दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। सीडीओ ने बताया कि जिलाधिकारी के आठ सितंबर 2025 के आदेश के तहत न्याय पंचायतवार व तकनीकी जांच अधिकारियों की जिम्मेदारी पहले ही तय की जा चुकी है।