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Gonda News: मंदिरों से बाजारों तक नवरात्र की रौनक

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पीपल तिराहे पर कलश व नारियल खरीदतीं महिलाएं। - संवाद
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गोंडा। शारदीय नवरात्र को लेकर जिले में उत्साह का माहौल है। देवी मंदिरों व बाजारों में रौनक है। देवी मंदिरों को रंग-बिरंगी झालरों, फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा के लिए श्रद्धालु तैयारियों में जुटे हैं। बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। माता रानी के स्वागत के लिए दुकानों पर कलश, नारियल, चुनरी, रोली, अक्षत, धूप-बत्ती और पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। फलाहार की वस्तुओं की खरीदारी भी तेज हो गई है।
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पीपल तिराहा स्थित संतोषी माता मंदिर के पुजारी दिनेश नरायन तिवारी ने बताया कि 11 से 20 अक्तूबर तक नवरात्र चलेगा। शहर निवासी सीमा ने बताया कि वह हमेशा नवरात्र का व्रत रखती हैं। मातारानी की पूजा-अर्चना से विशेष कृपा प्राप्त होती है। कई वर्षों से वह नौ दिन तक अनुष्ठान करती हैं। बुजुर्ग शांति का कहना है कि नवरात्र में नौ दिनों तक पूजा-अर्चना की जाती है। द्वितीय और अष्टमी का व्रत रहती हैं। शनिवार को वह खरीदारी करने आई थीं। बताया कि कलश, दीया, चुनरी आदि सामान खरीदा है।


30 में कलश व 10 रुपये में चुनरी
दुकानदार सोनू कश्यप ने बताया कि 30 से लेकर 50 रुपये तक में मिट्टी का कलश मिल रहा है। चुनरी के दाम 10 रुपये से 100 रुपये तक हैं। दीया 10 रुपये से लेकर 30 रुपये में मिल रहा है। रवि कश्यप ने बताया कि कई वर्षों से वह नवरात्र में दुकान लगाते हैं। मां दुर्गा की कृपा से बेहतर कारोबार हो रहा है।
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कलश पूजन का मुहूर्त
पं. रामसुरेश मिश्र का कहना है कि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:19 से 10:12 तक, अभिजित मुहूर्त 11:44 से 12:31 बजे तक है। कलश स्थापना के लिए कलश, गंगाजल, सुपारी, नारियल समेत कई सामग्रियों की जरूरत होती है। नवरात्र के पहले दिन घर व मंदिर में घट स्थापना की जाती है।
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