फ्रिज तक नहीं था, फर्श पर रखी थीं दवाएं
जांच के दौरान मेडिकल स्टोर पर कोई फार्मासिस्ट नियुक्त नहीं मिला। दवाएं रैक के साथ फर्श पर रखी मिलीं। तापमान नियंत्रित रखने के लिए फ्रिज की व्यवस्था नहीं थी। टीम को बिना कोल्ड चेन के ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और कोडीनयुक्त सीरप भी डंप मिला। मौके पर कैशमेमो जारी करने की व्यवस्था नहीं थी और दवाओं के स्रोत से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए। 107 प्लास्टिक की बोरियों में रखी दवाएं सीज कर दी गईं। इनमें 42 बोरियां नारकोटिक्स और 65 बोरियां अन्य एलोपैथिक दवाओं की थीं।
ये नशीली दवाएं मिलीं
- सेम्प्लेक्स प्लस - 2,82,960 कैप्सूल
- ट्रॉमाडोल - 1,96,000 इंजेक्शन
- प्रोक्सी स्पास - 59,256 कैप्सूल
- स्पास्मोप्रॉक्सीवॉन - 27,552 कैप्सूल
- ऑक्सीविन - 4,390 इंजेक्शन
- डिप्ट्राम प्लस - 53,712 कैप्सूल
- रोमर स्पास - 32,160 कैप्सूल
- अल्ट्रानिम-पी - 14,700 टैबलेट
- नेफागोसिन - 5,700 इंजेक्शन
- अल्जोमैक 0.5 - 60,000 टैबलेट
- कोडीन युक्त सीरप कई कंपनी - 100 एमएल की कई बोतलें
- रेस्टिजेसिक - 50 इंजेक्शन
- ऑक्सविन-1040 इंजेक्शन
- पाइवॉन स्पास - 720 कैप्सूल
- कोडीन सीरप एनेक्स - 100 एमएल की 41 बोतलें
- ओनेरेक्स - 100 एमएल की 22 बोतलें
(नोट: कार्रवाई के दौरान कुल 107 प्लास्टिक बोरियों में नारकोटिक्स और अन्य एलोपैथिक दवाएं सीज की गईं। इनमें 42 बोरियां नारकोटिक्स और 65 बोरियां अन्य एलोपैथिक दवाओं की बताई गई हैं।
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