गोंडा। शहर के बड़गांव इलाके में नशीली और नारकोटिक्स दवाओं के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। औषधि विभाग की टीम ने 16 से 18 जुलाई तक तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारकर 107 बोरियों में रखी नारकोटिक्स और एलोपैथिक की दवाएं पकड़ीं। इन दवाओं की कीमत करीब 1.13 करोड़ रुपये है। टीम ने 19 दवाओं के नमूने लिए हैं। पुलिस ने मामले में एक आरोपी शिवम कसौधन को गिरफ्तार किया है। उसके भाई अमन कसौधन की भी मामले में भूमिका सामने आई है। दोनों के खिलाफ कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ के निर्देश पर बाराबंकी की औषधि निरीक्षक रजिया बानो के नेतृत्व में गोंडा के औषधि निरीक्षक सुमित वर्मा, अयोध्या के आलोक त्रिवेदी, बहराइच के विनय कृष्णा, श्रावस्ती के श्रीकांत गुप्ता, सुल्तानपुर के राजू प्रसाद, गोरखपुर के श्रीधेश्वर शुक्ल, बस्ती के मुकेश कुमार व सिद्धार्थनगर के औषधि निरीक्षक मनोज कुमार की टीम ने दवाओं के अवैध कारोबार की जांच शुरू की है।
टीम सबसे पहले बलरामपुर रोड, जयनगरा बड़गांव स्थित अमन फार्मास्यूटिकल्स के पते पर पहुंची। पते पर इस नाम से कोई फर्म संचालित नहीं मिली। पूछताछ के बाद टीम अमन कसौधन के भाई शिवम कसौधन के बताए पते पर बरियारपुरवा, सोनार गली पहुंची। गली में बने गोदाम पहुंची। यहां बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं मिलीं। शिवम कोई वैध औषधि विक्रय लाइसेंस नहीं दिखा सका। टीम ने दवाओं के खरीद-बिक्री संबंधी बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य अभिलेख मांगे, लेकिन दस्तावेज नहीं मिले। पूछताछ में पता चला कि आसपास के दो अन्य ठिकानों पर भी दवाओं का भंडारण किया जा रहा था। अन्य दोनों ठिकाने की जांच में टीम को भारी मात्रा में नारकोटिक्स और एलोपैथिक दवाएं डंप मिलीं। औषधि निरीक्षक सुमित कुमार वर्मा ने कोतवाली नगर पुलिस को तहरीर दी। तहरीर में बरामद दवाओं के क्रय-विक्रय को नियमों के विपरीत बताते हुए आरोप लगाया गया है कि कोडीनयुक्त और नशे में प्रयुक्त होने वाली अन्य दवाओं का अवैध कारोबार किया जा रहा था। पुलिस ने बड़गांव के रानी बाजार निवासी अमन कसौधन और शिवम कसौधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। शिवम को गिरफ्तार कर लिया गया है।
फ्रिज तक नहीं था, फर्श पर रखी थीं दवाएं
जांच के दौरान मेडिकल स्टोर पर कोई फार्मासिस्ट नियुक्त नहीं मिला। दवाएं रैक के साथ फर्श पर रखी मिलीं। तापमान नियंत्रित रखने के लिए फ्रिज की व्यवस्था नहीं थी। टीम को बिना कोल्ड चेन के ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन और कोडीनयुक्त सीरप भी डंप मिला। मौके पर कैशमेमो जारी करने की व्यवस्था नहीं थी और दवाओं के स्रोत से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए। 107 प्लास्टिक की बोरियों में रखी दवाएं सीज कर दी गईं। इनमें 42 बोरियां नारकोटिक्स और 65 बोरियां अन्य एलोपैथिक दवाओं की थीं।