जयप्रभाग्राम/ गोंडा। दीनदयाल शोध संस्थान जयप्रभाग्राम में बृहस्पतिवार को छह किसान उत्पादक संगठनों के निदेशकों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ), लेखाकारों एवं सदस्य किसानों के लिए कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसमें नानाजी देशमुख के ग्रामोदय मॉडल पर किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और सामूहिक विपणन के जरिये एफपीओ को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थान के सचिव रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि भारत रत्न नानाजी देशमुख का सपना ग्रामोदय के माध्यम से आत्मनिर्भर और समृद्ध गांवों का निर्माण करना था। किसान उत्पादक संगठन इस लक्ष्य को पूरा करने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों ने ग्रामोदय के मॉडल को विस्तार से समझाया।
मुख्य अतिथि व जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र ने कहा कि दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संचालित छह एफपीओ किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रहे हैं।
इंडियन बैंक के प्रबंधक गौतम कुमार ने किसानों और एफपीओ प्रतिनिधियों से बैंक की ऋण एवं वित्तीय योजनाओं का लाभ लेकर अपने व्यवसाय का विस्तार करने का आह्वान किया। इस दौरान इंजीनियर मिथलेश कुमार झा, कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु, डॉ. आशीष पांडेय, डॉ. अंकित सिंह आदि मौजूद रहे।