गोंडा जिले में तीन नई नगर पंचायतों के गठन और दो के विस्तार में 24 ग्राम पंचायतों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे इन ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य और बीडीसी सदस्यों के साथ ही हाल में ही नौकरी पाए पंचायत सहायकों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। विस्तार व गठन की प्रक्रिया पूरी होते ही इनके पद खत्म हो जाएंगे। पंचायतराज विभाग की ओर से इन ग्राम पंचायतों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इससे जिले की पंचायतराज व्यवस्था में बड़े परिवर्तन सामने आएंगे। जिला पंचायतराज अधिकारी दिनकर विद्यार्थी का कहना है कि निदेशक की ओर से जारी आदेश के क्रम में पंचायतों की स्थिति की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।
जिले में शासन की ओर से तीन नई नगर पंचायतों के गठन का आदेश जारी हुआ है। जिसमें बेलसर नगर पंचायत में छह ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। जिसमें बेलसर के साथ ही चांदपुर, देवरदा, बरसड़ा, परसदा व मुजेड ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इसी तरह तरबगंज नगर पंचायत में पांच ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। जिसमें रामापुर, रेतादल सिंह, ढोढेपुर, सेमरा व कटहा ग्राम पंचायतें शामिल हैं। धानेपुर नगर पंचायत में चार ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। जिसमें धानेपुर के साथ ही खीरभारी, माधवगंज व मुजेहना शामिल हैं।
साथ ही करनैलगंज नगर पालिका परिषद का सीमा विस्तार हो रहा है। इसमें करनैलगंज ग्रामीण, कादीपुर, कुम्हारगढ़ी, करूवा, सकरौर ग्रामीण, पिपरी व नरायनपुर माझा ग्राम पंचायतों को शामिल किया जा रहा है। इसी तरह कटरा बाजार नगर पंचायत के विस्तार की प्रक्रिया भी चल रही है। जिसमें चरेरा व वीरपुर पंचायतें आ रहीं हैं। ऐसे में जिले की 1,214 ग्राम पंचायतों में से 24 पंचायतें नगर क्षेत्रों में शामिल होने की स्थिति में हैं। परिसीमन की कार्रवाई पूरी होने के साथ ही इनके सभी प्रतिनिधियों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
रोजगार सेवक तो होंगे समायोजित, पंचायत सहायक तय नहीं
जिले की 24 पंचायतों में मनरेगा से कार्यरत रोजगार सेवक तो पंचायतों का अस्तित्व खत्म होने के बाद दूसरी पंचायतों में समायोजित किए जा सकते हैं। इसके लिए पहले से भी व्यवस्था है। मगर हाल में ही नियुक्ति पाए पंचायत सहायकों के बारे में अभी तक कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है। माना जा रहा है कि इनका पद भी उन पंचायतों में समाप्त हो जाएगा और दूसरी पंचायतों में समायोजन शासन के निर्देश पर ही निर्भर है। इससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
पंचायतराज विभाग की सूची से बाहर होंगी पंचायतें
पंचायतराज विभाग की ओर से नगर क्षेत्रों में शामिल होने वाली पंचायतों को सूची बेवसाइट से हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। निदेशक पंचायतीराज की ओर से ऐसे पंचायतों के बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन पंचायतों को शहरी क्षेत्र में शामिल होने के साथ ही पंचायतराज विभाग से बाहर कर दिया जाएगा। इसके बाद इन पंचायतों के प्रधान, बीडीसी व ग्राम पंचायत सदस्यों का अस्तित्व भी खत्म होगा। फिलहाल अभी नगर पंचायतों के गठन व सीमा विस्तार की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, पंचायतराज विभाग की ओर से भी तैयारी हो रही है।
- जिले में ग्राम पंचायतें - 1214
- शहरी में शामिल होने वाली पंचायतें - 24
- नई नगर पंचायतें - तीन
- सीमा विस्तार में शामिल नगर पंचायतें - दो
- शहर में शामिल पंचायतों को हटाने के बाद शेष पंचायतें - 1190