गोंडा। शहर के सिविल लाइंस में तीन एकड़ सरकारी भूमि हथियाने का बड़ा खेल सामने आया है। सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कर इस जमीन के लिए आठ लोगों से फर्जी तरीके से बैनामा कराया गया। इसके बाद कब्जा करने के लिए बाउंड्री खींची गई। प्रशासन को बैनामा का यह खेल पकड़ने के लिए 20 दिनों तक मशक्कत करनी पड़ी तब जाकर इससे पर्दा उठ सका।
नगर पालिका के अभिलेखों में छावनी सरकार मौजा की यह तीन एकड़ जमीन सरकार के नाम दर्ज है। इसके बाद भी दो गांवों के आठ लोगों ने रियल स्टेट फर्म दक्षायनी कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर सुमित भूषण सिंह के नाम बैनामा कर दिया। बैनामे की पड़ताल में कई तरह की हेराफेरी सामने आई है।
माना जा रहा है कि कूटरचित अभिलेख तैयार करके बैनामा कराया गया। पहले प्रशासन को लगा कि नगर पालिका के नजूल अनुभाग का खेल है। इसलिए दोनों नजूल निरीक्षकों रघुनाथ तिवारी व गुरुशरण पांडेय को नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू की गई। लेकिन जांच में सामने आया कि जमीन का फर्जी तरीके से बैनामा कराया गया है।
शनिवार की शाम नजूल निरीक्षक रघुनाथ तिवारी की तहरीर पर नगर कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया। इसमें जमीन बेचने वाले आठ लोग व खरीदार सुमित भूषण सिंह को नामजद किया गया। इसके बाद मामले की जांच पुलिस ने शुरु की। इसमें बैनामा करने वाले आठ लोगों के बयान भी काफी अहम हैं। इससे कुछ राजस्व कर्मियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सदानंद निवासी ग्राम रुद्रपुर विसेन, अर्जुन प्रसाद, अयोध्या प्रसाद, काशीराम, उमादेवी, जगदीश प्रसाद, जगदेव व वासुदेव निवासी ग्राम दरियापुर हरदौपट्टी के बारे में जांच शुरू हो गई है। इससे बैनामे के पहले तैयार किए गए अभिलेखों से जुड़े लोगों तक भी पुलिस के हाथ पहुंचेंगे।
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नगर पालिका के रजिस्टर- 45 से खुली पोल
अवैध कब्जे से तीन एकड़ जमीन मुक्त कराने के बाद फर्जीवाड़े की पोल नगर पालिका के रजिस्टर नंबर- 45 से खुल सकी। बैनामा होने से दावेदारी की स्थिति तो बन गई थी, लेकिन कब्जा हटाने के दौरान किसी ने इस पर दावा नहीं किया। इसके बाद प्रशासन ने नगर पालिका के अभिलेखों को खंगाला। पड़ताल में इस बात की पुष्टि हो गई कि कभी किसी को इस जमीन का पट्टा दिया ही नहीं गया। इससे बैनामा कराने के लिए तैयार अभिलेख पर सवाल खड़े हो गए। इस मामले में जांच से पूरे खेल का खुलासा हो सका।
- छावनी सरकार में अवैध कब्जे में कार्रवाई की गई है, एक एफआईआर दर्ज हुई। वहीं एक और अवैध कब्जे की जांच की गई है, जिसमें 2.70 एकड़ भूमि भी कब्जा मुक्त कराई गई है। इसकी भी जांच हो रही है।
- विनोद कुमार सिंह, एसडीएम सदर
धोखाधड़ी का एक और खेल उजागर
करनैलगंज (गोंडा)। क्षेत्र के ग्राम सोनवार में भी जमीन की खरीद-फरोख्त का एक खेल उजागर हुआ है। इस संबंध में मुन्ना राम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने देवीशंकर व रामजी निवासी पूरे भितिहा कोतवाली करनैलगंज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आरोप है कि देवी शंकर गोस्वामी ने जमीन देने के लिए रुपये लिए थे और अब जमीन नहीं दे रहे हैं। कोतवाल सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।