गोंडा। बजट में अयोध्या के सीमावर्ती जिलों के पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर जोर दिया गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में पौराणिक व धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत जिले के सात पर्यटन स्थलों को प्रारंभिक तौर पर 12 करोड़ रुपये से संवारा जाएगा।
जिले में कई पौराणिक स्थल हैं। जिनमें प्रमुख रूप से करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र में गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली पसका व गुरु नरहरिदास का आश्रम है।
मनकापुर विधानसभा क्षेत्र में करोहानाथ मंदिर, तरबगंज विधानसभा क्षेत्र में वजीरगंज के कोडर स्थित महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली, परास में महर्षि परासर का आश्रम व महर्षि जमदग्नि की तपोस्थली जमथा है।
मेहनौन विधानसभा क्षेत्र में पौराणिक पृथ्वीनाथ मंदिर, झालीधाम आश्रम, चारोंधाम मंदिर जयप्रभा ग्राम आदि हैं। गौरा विधानसभा क्षेत्र में स्वामीनारायण मंदिर छपिया व बभनान का श्रावण पाकड़ धाम है।
कटराबाजार विधानसभा क्षेत्र में महर्षि उद्दालक मुनि का आश्रम तिर्रे मनोरमा सहित अन्य हैं। गोंडा विधानसभा क्षेत्र में महर्षि च्यवन का आश्रम सुभागपुर, सगरा तालाब स्थित लघु वृंदावन महत्वपूर्ण पयर्टन स्थल हैं।
50 फीसदी धनराशि देंगे विधायक, शेष विभाग
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना के तहत स्थानीय विधायक 25 लाख से लेकर पांच करोड़ तक की परियोजनाओं का प्रस्ताव देंगे। जिसमें 50 फीसदी धनराशि पर्यटन विभाग देगा, शेष 50 फीसद धनराशि विधायक अपनी निधि से खर्च करेंगे। - वंदना पांडेय, पर्यटन सूचना अधिकारी