गोंडा। पासपोर्ट के लिए आवेदन में लगाए गए फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों के मामले की गुत्थी उलझती जा रही है। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र कहां से जेनरेट किए गए, किस आईडी का प्रयोग किया गया, इसके पीछे कोई रैकेट तो नहीं काम कर रहा है., ऐसे कई सवाल स्वास्थ्य विभाग को परेशान कर रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को इसकी विस्तृत जांच के लिए पत्र लिखने की तैयारी की है।
मुंबई पुलिस ने दिसंबर, 2024 में पासपोर्ट के आवेदन के लिए लगाए गए जन्म प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए गोंडा सीएमओ को रिपोर्ट भेजी थी। सत्यापन में दो के प्रमाणपत्र फर्जी मिले। इसपर स्वास्थ्य विभाग ने मुंबई पुलिस को रिपोर्ट भेज दी। लेकिन, अब इस सवाल ने विभागीय अधिकारियों की उलझन बढ़ा दी है कि यह प्रमाणपत्र बने कहां से। इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। दरअसल, दो साल पहले फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने का एक गिरोह यहां से पकड़ा जा चुका है। कई बार महिला अस्पताल मेें भी यह मामला सामने आ चुका है।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा का कहना है कि इस पूरे मामले को लेकर जल्द ही स्थानीय पुलिस को पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद स्थिति साफ हो सकेगी। वहीं, देवीपाटन मंडल के अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जयंत कुमार ने इस मामले में अधिकारियों से जानकारी करने की बात कही है।