कलेक्ट्रेट में डीएम से मिलने के लिए इंतजार करते मनकापुर के प्राथमिक विद्यालय रमईपुर के बच्चे। -
गोंडा। रमईपुर प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन को ध्वस्त कराने के बाद विद्यार्थियों को करीब 1.5 किलोमीटर दूर स्थित मधईपुर प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट कर दिया गया। इससे परेशान 20 से अधिक विद्यार्थी मंगलवार को समाजसेवी शुभम संघर्ष के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए।
एडीएम आलोक कुमार व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट यशवंत राव ने बच्चों से बातचीत की। रमईपुर प्राथमिक विद्यालय की छात्रा उन्नति मिश्रा ने बताया कि दो महीने पहले विद्यालय भवन ध्वस्त करा दिया गया। इसके बाद डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर कीचड़ के रास्ते होते हुए मधईपुर प्राथमिक विद्यालय जाना पड़ता है। इससे परेशानी होती है। बच्चों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची रसोइया शिवराजी को अफसरों ने जमकर फटकार लगाई। एडीएम ने कहा कि आपको नौकरी से क्यों न निकाल दिया जाए? आप बच्चों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय आ गईं। अगर बच्चों को कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा? हालांकि एडीएम आलोक कुमार ने कहा कि गंभीर विषय है। जल्द ही बच्चों की समस्या दूर की जाएगी।
2008 में बना था रमईपुर प्राथमिक विद्यालय
रमईपुर प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि वर्ष 2008 में स्कूल भवन का निर्माण कराया गया। जर्जर होने पर 27 जुलाई 2025 को इसे ध्वस्त कराया गया। भवन विहीन विद्यालय के 71 बच्चों को मधईपुर विद्यालय में शिफ्ट किया गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक का कहना है कि समाजसेवी शुभम संघर्ष रास्ते से बच्चों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय चले गए। इसकी जानकारी नहीं थी। वहीं, मामले में बीईओ अंजनी कुमार सिंह से बात नहीं हो सकी।