गोंडा। कैसरगंज से भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक बयान इन दिनों चर्चा में है। बिहार के बाढ़ विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार को आयोजित रामनवमी कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश में दो ही खलनायक बना दिए गए हैं। एक मुसलमान और दूसरा सवर्ण। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
पूर्व सांसद ने अपने संबोधन में कहा कि मुसलमानों के साथ किसी भी प्रकार की घटना होने पर भाजपा को छोड़कर अधिकांश राजनीतिक दल उनके समर्थन में खड़े हो जाते हैं, लेकिन सवर्ण समाज की समस्याएं सुनने वाला कोई नहीं दिखता। उन्होंने मौजूद लोगों से अपनी बात पर सहमति भी जानी।
अपने भाषण के दौरान उन्होंने एक शेर पढ़ा- इतने गहरे घाव कहां से आए होंगे, लगता है तुमने भी दोस्त बनाए होंगे...। इस शेर के माध्यम से उन्होंने वर्तमान सामाजिक और राजनीतिक हालात पर संकेत करने का प्रयास किया। उन्होंने सामाजिक एकता और समरसता पर भी जोर दिया। भगवान राम के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीराम ने समाज के हर वर्ग (केवट, ऋषि, वनवासी और आदिवासी) को साथ लेकर चलने का कार्य किया, जो आज भी अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने की जरूरत है, तोड़ने की नहीं। यदि ऊंच-नीच की भावना बनी रहेगी, तो यह समाज को कमजोर करेगी।
पूर्व सांसद ने शबरी प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने उनके जूठे बेर खाकर यह संदेश दिया कि किसी व्यक्ति की महानता उसकी जाति या सामाजिक स्थिति से नहीं, बल्कि उसके कर्म से होती है। इसी तरह निषादराज को गले लगाने का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि समाज में कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। पूर्व सांसद का यह बयान वायरल हो रहा है। एक ओर जहां उनके बयान ने राजनीतिक बहस को हवा दी है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने अपने संबोधन में सामाजिक एकता का संदेश देने का प्रयास भी किया।