गोंडा। पूरे तिवारी गांव के रहने वाले जनसेवा केंद्र संचालक की कुछ लोगों ने गला दबाकर हत्या कर दी। हत्यारे शव को परसापुर के पास सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए। संचालक सोमवार की रात फोन कॉल आने के बाइक घर से बाइक लेकर निकला था। मगर वह देर रात तक घर नहीं पहुंचा। परिवार के लोग तलाश करने निकले तो उसका शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट गला दबने से मौत की पुष्टि हुई।
कोतवाली देहात क्षेत्र के पूरे तिवारी गांव के रहने वाले शमीम ने बताया कि उसका छोटा भाई वसीम (30) पुत्र सलीम घर पर था। रात तकरीबन 9 बजे वसीम के मोबाइल पर एक कॉल आई। इसके बाद वह बाइक लेकर घर जमुनियाबाग के लिए निकला। शमीम के मुताबिक, देररात तक उसका भाई घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश करने निकले। गोंडा - अयोध्या मार्ग पर परसापुर गांव के पास सड़क किनारे मरणासन्न हालत में पड़ा मिला। पास में ही उसकी बाइक भी पड़ी थी, मोबाइल फोन गायब था। उसे निजी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सक ने जवाब दे दिया तो जिला अस्पताल ले गए।
जहां जांच के बाद चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। शमीम के मुताबिक, उसके भाई के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दबने से मौत की पुष्टि हुई है। तहरीर मिलते ही रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
छात्र को घोंपा चाकू, हालत गंभीर
रुपईडीह (गोंडा)। कौड़िया थाना क्षेत्र के एक विद्यालय में एक माह छात्रों को पूर्व हुए विवाद को लेकर मंगलवार को साथी छात्र को चाकू घोंप दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पीएचसी लाया गया। जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
चौकी प्रभारी आर्यनगर दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि कौड़िया थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत लैबुड़वा का रहने वाला सुनील कुमार का उसके साथी छात्र से एक माह पूर्व विद्यालय में विवाद हो गया था। शिक्षकों को जब इसकी जानकारी हुई तो दोनों में सुलह करा दिया था। चौकी प्रभारी के मुताबिक मंगलवार को सुनील कुमार अपने साथी सुमित शुक्ला, आशीष व मनजीत के साथ बाइक से कस्बा आर्यनगर सामान लेने आए थे।
जानकारी होने पर जिस छात्र से सुनील का विवाद हुआ था। वह भी अपने साथियों संग आ धमका। सभी सुनील को लाठी डंडा से मारने लगे। जब सुनील का साथी सुमित शुक्ला(17) बीच बराव करने पहुंचा तो उसे चाकू घोंप दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पीएचसी लाया गया। जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।