गोंडा। प्रधानमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल आयुष्मान योजना में पलीता लगाने वाले अस्पतालों पर सख्ती शुरू हो गई है। सोमवार को जिलाधिकारी की अगुवाई में शिकायत निवारण समिति ने एक निजी अस्पताल को योजना के लाभार्थी को मुआवजा देने का निर्देश दिया। निजी अस्पताल पर आरोप है कि गोल्डन कार्ड दिखाने के बाद मुफ्त इलाज न करके पैसे वसूले गए।
तरबगंज के खीराडीह निवासी अशोक कुमार गुप्ता ने जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर 17 जून 2022 को शिकायत किया था कि उसका पुत्र शेखर गुप्ता मार्ग दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसे जिला अस्पताल से रेफर करने पर दुखहरण नाथ मंदिर के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अशोक गुप्ता ने आरोप लगाया कि उसके पास आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड था, उसने अस्पताल में गोल्डन कार्ड दिखाया, लेकिन उसका इलाज नहीं किया गया। फिर उसी अस्पताल में पैसा देकर उसने इलाज करवाया।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी, सीएमओ व जिला कार्यक्रम प्रबंधक आयुष्मान की तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच करवाई। सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. उज्जवल कुमार की अध्यक्षता में शिकायत निवारण समिति की बैठक हुई, जिसमें सीडीओ गौरव कुमार, सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, एसीएमओ डॉ. आदित्य वर्मा आयुष्मान भारत के जिला कार्यक्रम परामर्शदाता डॉ. संदीप तिवारी, शिकायत निवारण प्रबंधक शिवांशु मिश्र सहित शिकायत कर्ता व अस्पताल के संचालक मौजूद रहे।
समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अस्पताल संचालक को निर्देश दिया कि जितना भी इलाज में खर्च आया है, पीड़ित को भुगतान किया जाए। सीएमओ की अगुवाई में मंगलवार को पीड़ित को इलाज संबंधी सभी बिल-बाउचर के साथ बुलाया गया है। अस्पताल संचालक को भी सीएमओ कार्यालय बुलाया गया। सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने कहा कि जिलाधिकारी के आदेशों का पालन करावाया जाएगा।