गोंडा। रमजान का मुकद्दस महीना शुरू हो गया है। बाजारों में रौनक बढ़ गई है। मुस्लिम समुदाय के लोग इस महीने का बेसब्री से इंतजार करते हैं और रोजा रखने के लिए खास तैयारियां करते हैं। खजूर, सूखे मेवे और सहरी-इफ्तार में प्रयोग की जाने वाले सामग्री की मांग बढ़ गई है। दुकानों पर खरीदारों की भीड़ नजर आने लगी है।
शहर के एकता तिराहा, चौक बाजार, ठठेरी बाजार समेत कई बाजारों में बुधवार को दुकानों पर भीड़ देखने को मिली। बाजार में खजूर की अलग-अलग किस्में उपलब्ध हैं। इनकी कीमत 160 रुपये से लेकर 1200 रुपये प्रति किलो तक है। दुकानदार निसार अहमद का कहना है कि इस साल भी खजूर की मांग काफी ज्यादा है। पूरे महीने भी लोग खजूर की जमकर खरीद करेंगे। उन्होंने बताया कि ईरानी खजूर 160 रुपये में है।
कीमिया गोल्ड 360 रुपये प्रति किलो व कलमी सऊदी 600 रुपये प्रति किलो में है। बाजार में 100 रुपये से लेकर 500 रुपये प्रति किलो तक सेवईं बिक रही है। पापड़, चिप्स समेत कई अन्य खाद्य सामग्री की भी बिक्री हो रही है। नमाज अदा करने के लिए तरह-तरह की टोपियां बाजार में उपलब्ध हैं। साधारण टोपी के अलावा अफगानी, मुल्तानी व पाकिस्तानी टोपी की मांग अधिक है। बाजार में 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की टोपियां उपलब्ध हैं।
सूखे मेवों की भी बढ़ी मांग
दुकानदार नौशाद ने बताया कि खजूर के साथ बादाम, काजू, किशमिश, अंजीर और पिस्ता जैसे सूखे मेवों की मांग भी रमजान के दौरान बढ़ जाती है। रमजान के दौरान सहरी और इफ्तार में पोषक तत्वों से भरपूर चीजें खाने का रिवाज है, जिससे इन चीजों की भी बिक्री बढ़ जाती है। इसके अलावा, रूह अफजा, शरबत-ए-अलसी और फलों के रस जैसे पेय पदार्थ भी लोगों की पसंद होते हैं।