गोंडा। नगर पालिका परिषद में लोगों को भले ही गृह व जल कर अदा करने को लेकर सख्ती बरती जा रही हो, लेकिन सरकारी विभाग ही नगर पालिका परिषद गोंडा का 2.86 करोड़ रुपये टैक्स दबाए बैठे हैं।
सरकारी विभागों के कार्यालय कई वर्षों से गृहकर और जलकर नहीं अदा कर रहे हैं। इससे नगर पालिका का बजट बिगड़ गया है। नगर पालिका परिषद ने 17 विभागों के 20 कार्यालयों को नोटिस भेजकर जल्द टैक्स भरने को कहा है।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र में सरकारी विभागों के 100 से अधिक कार्यालय हैं। जिन्हें जल और गृह कर अदा करना पड़ता है। लेकिन 20 कार्यालय टैक्स भरने में लापरवाह हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 की समीक्षा के दौरान बड़ी बकायेदारी सामने आई।
सबसे अधिक 75.57 लाख रुपये मेडिकल कॉलेज (तत्कालीन जिला अस्पताल) का टैक्स बकाया है। जिला महिला अस्पताल, बीएसएनएल, पीसीएफ, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, सेवा योजन कार्यालय, बीएसए कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय, राजकीय पशु चिकित्सालय, वाणिज्यकर कार्यालय, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यालय, डीआईओएस कार्यालय, डीएफओ कार्यालय, लोकनिर्माण विभाग, कृषि विभाग समेत 20 कार्यालयों के गृहकर व जल कर बकाया है।
नगर पालिका परिषद ने इन विभागों को टैक्स जमा करने की रिमांइडर नोटिस भेजा है। वहीं, व्यावसायिक भवनों और दुकानों से भी गृहकर वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
कई वर्षों से नहीं जमा किया है टैक्स
कर निर्धारण अधिकारी नगर पालिका परिषद, अशोक कुमार के अनुसार कई वर्षों से टैक्स न जमा करने वाले विभागों को रिमाइंडर नोटिस भेजा गया है। इसमें जिला महिला अस्पताल की ओर से टैक्स भरने की प्रकिया शुरू हो गई है तथा लघु सिंचाई खंड ने टैक्स जमा कर दिया है।अन्य कार्यालयों की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। यदि टैक्स नहीं जमा होता है तो विधिक राय लेकर कार्रवाई की जाएगी।