मनकापुर (गोंडा)। राजकीय रेलवे पुलिस ने गैर प्रांत से 22 माह से लापता इकलौते बेटे को उसकी मां के सुपुर्द किया है। चौकी इंचार्ज की एक सप्ताह की मेहनत से उड़ीसा प्रांत की पुलिस व उसके परिजन सोमवार की शाम को युवक अमीन माझी को लेकर रवाना हो गए।
एक सप्ताह पहले मोती गंज रेलवे स्टेशन पर जीआरपी चौकी मनकापुर प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्र को एक 28 वर्षीय युवक मिला जो स्टेशन पर भूखा घूम रहा था। प्रभारी ने दरियादिली दिखाते हुए उसे खाना खिलवाया, स्नान करवाया तथा गंदे कपड़े उतरवा कर नये कपड़े खरीद कर दिये। ठंड से बचाव के लिए एक कम्बल भी दिया।
कई दिनों से भूखा रहने के कारण वह कुछ बोल नहीं रहा था। चौकी इंचार्ज उसे खाना खिलाने के बाद उससे नाम पूछने लगे तो अपनी भाषा में कुछ बताया। मोतीगंज में स्थित एक लोकबाड़ी केन्द्र पर ले जाकर थम्प की मदद भी ली गयी।
करीब 6 घंटे बाद गूगल की मदद से उसके प्रांत एवं जिला तथा थाना का पता चल गया। एक सप्ताह से अर्थात 7 दिसम्बर से लगातार प्रयास के बाद उसके परिजनों का पता चल सका।
उड़ीसा पुलिस से जब यूपी पुलिस के एसआई अखिलेश कुमार मिश्र ने वार्ता किया तो पता चला कि बहुत ही दुर्गम जगह पर उसका घर है। अथक प्रयास के बाद पता चला कि युवक का नाम अमीन माझी पुत्र पालसू माझी (28) निवासी ग्राम- चनापोकल थाना- टिकरी जनपद-रायगढ (उड़ीसा) का पता तस्दीक किया गया।
यूपी पुलिस की सूचना पर उड़ीसा पुलिस ने बताया कि यह युवक गांव के तीन युवकों के साथ रोजगार के सिलसिले में घर से 22 माह पहले निकला था। कुछ दिन बाद तिपू व अनंद वापस घर चले गये। इसका कही अता पता नही चला। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने उड़ीसा के टिकरी थाना में दिसंबर वर्ष 2019 को गुमशुदगी दर्ज कराया।
वहीं परिजन मृतक समझकर अंतिम संस्कार भी कर चुके थे। पिता पालसू, मां हिताया, बीबी हितई व बेटा सौरभ माझी, सुभाष माझी का रो-रो कर बुरा हाल था।
सोमवार को उड़ीसा पुलिस के दो जवान कैलाश कौशल्या व शंशाक शेखर सवर तथा वहां के सरपंच / मामा सकरोडा आये। चौकी इंचार्ज अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया कि अपने उच्चाधिकारियों को सूचित करने के बाद युवक को उड़ीसा पुलिस व उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
परिजन जाते जाते एसआई अखिलेश कुमार मिश्र समेत अन्य पुलिस कर्मियों की सराहना करते हुए भावुक हो गए और कहा कि चौकी इंचार्ज व जीआरपी के इस सराहनीय कार्य की जितनी प्रशंसा की जाये वह कम है।