टेढ़ी नदी में डूबने से पत्नी व बेटी मौत के बाद नवाबगंज सीएचसी में बिलखता राजिंदर। - संवाद
- फोटो : साइकिल रेस में प्रतिभाग करते खिलाड़ी।-
विश्नोहरपुर। नवाबगंज थाना क्षेत्र के तुलसीपुर माझा गांव में सोमवार खेत में सिंचाई कर रहे परिजनों के लिए खाना लेकर जा रही मां-बेटी की टेढ़ी नदी में डूबकर मौत हो गई। एक अन्य बच्ची की जान बच गई। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
तुलसीपुर माझा के मजरे यादव पुरवा निवासी राजिंदर यादव ने टेढ़ी नदी के दूसरी तरफ बंटाई पर खेत लिया है। वहां गेहूं की बोआई की गई है। सोमवार को खेत में सिंचाई कराई जा रही थी। पूर्वाह्न 11:30 बजे राजिंदर की पत्नी सुनीता (40) अपनी बेटियों अंशु (6) और अंशुभी (8) के साथ खाना लेकर खेत जा रही थीं। घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित टेढ़ी नदी में इन दिनों पानी कम है। इसके चलते तीनों पानी से होकर ही नदी पार करके खेत जा रही थीं। उसी समय दोनों बच्चियां गहरे पानी में फिसलकर डूबने लगीं। यह देख सुनीता उन्हें बचाने के लिए गहरे पानी में उतर गईं। उन्होंने बड़ी बेटी अंशुभी को तो किसी तरह बचा लिया, लेकिन छोटी बेटी अंशु को बचाने के प्रयास में वह खुद भी पानी में डूब गईं।
अंशुभी के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आनन-फानन सुनीता और अंशु को नदी से निकालकर सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में बची अंशुभी बदहवास हालत में है। सीएचसी में उसका इलाज चल रहा है। हादसे में राजिंदर के परिवार में कोहराम मच गया। थानाध्यक्ष अभय सिंह मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। उपजिलाधिकारी तरबगंज विश्वमित्र ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली और अस्पताल में भर्ती बच्ची का हाल जाना।
पुलिया बने तो मिले राहत
तुलसीपुर माझा की प्रधान पिंकी सिंह के प्रतिनिधि लालजी सिंह ने बताया कि गांव के अधिकांश लोगों की खेती नदी के दूसरी तरफ ही है। ऐसे में लोगों को खेती के लिए नदी पार करके ही जाना पड़ता है। अगर यहां छोटी पुलिया बन जाए तो लोगों को आवागमन में सहूलियत मिले।