गोंडा। कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते संक्रमण को देखते जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से हाई रिस्क जनसंख्या को चिन्हित कर उनके सेम्पल जांच के लिए भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिले में कंटेनमेंट जोन और क्लस्टर जोन में सर्वे करके हाई रिस्क की श्रेणी वाले लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। अब तक जिले में एक लाख से अधिक लोग हाई रिस्क की श्रेणी में चिन्हित हो चुके हैं।
मौजूदा समय में जिले भर में 325 कंटेनमेंट जोन और 19 कलस्टर जोन हैं। इनमें बराबर टीमों को लगाया गया है। जिले भर लगभग 25 सौ अधिक टीमें कोविड-19 के संक्रमण से ग्रसित लोगों के संपर्क में आने वालों का डाटा जुटाने में लगी हुई हैं।
इस बारे में पहले ही सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा गया था कि है कि कोविड-19 पीड़ित रोगियों और हाई रिस्क जनसँख्या को चिन्हित कर समय से जांच के लिए सेंपल भेजा जाये। एसीएमओ व जनपदीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. देवराज चौधरी ने बताया कि हाई रिस्क एरिया को चुनने के लिए डाटा जुटाया जा रहा है।
शासन के निर्देश के बाद उस पर अमल किया जा रहा है। अभी तक कोई भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। लेकिन शासन के निर्देश के अनुरूप सेंपल भेजने का प्रयास किया जा रहा है। बाहर से आये लोगों का डाटा जुटाया जा रहा है। इसी से हाई रिस्क एरिया का पता लगाया जा सकेगा।
- डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
सोमवार को जिले में मिले 20 कोरोना पॉजिटिव
जिले के कई इलाकों में सोमवार को कुल 20 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाये गये हैं। अब जिले में 3436 कोरोना संक्रमित हो गये हैं। सोमवार को 35 लोगों का होम आइसोलेशन ओवर हो गया है। परसपुर के आटा परसपुर गांव में एक साथ 4 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। वहीं तरबगंज के रामापुर में दो लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। अब तक 91 हजार 979 लोगों की जांच पूरे जिले में कराई जा चुकी है।
157 लोगों की कोरोना जांच हुई
वजीरगंज(गोंडा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को कुल 157 लोगों की कोरोना जांच हुई।जिसमें 2 लोग पाजिटिव पाए गये। अधीक्षक सीएचसी डॉ. आशुतोष शुक्ल ने बताया कि सोमवार को एलटी अरुण नायर की टीम ने रैपिड एंटीजेन किट से 98 व आरटीपीसीआर विधि से 59 जांचें कीं। जिसमें मंझारा निवासी एक व्यक्ति व वजीरगंज निवासिनी एक महिला पाजिटिव मिले। दोनों को होम आइसोलेट कर दिया गया है।